रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, इंदौर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता साबिर फिटवेल ने बताया कि आगामी 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाला ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम देश में शिक्षा के मुद्दे पर एक नई और निर्णायक बहस की शुरुआत करेगा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं, आकांक्षाओं और भविष्य से जुड़े सवालों को देश के सामने रखने जा रहे हैं।
फिटवेल ने कहा कि यह पहली बार हो रहा है जब देश की राजनीति में शिक्षा को इतनी मजबूती के साथ एक प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दा बनाया जा रहा है। राहुल गांधी ने युवाओं और छात्रों की आवाज को केंद्र में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की आवश्यकता को सामने रखा है।
शिक्षा में उत्कृष्टता, कैंपस संस्कृति में अनुशासन, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, शिक्षा में नवाचार तथा शिक्षा को रोजगार और व्यावहारिक समझ से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
आजादी के बाद लंबे समय तक देश की सरकारों ने शिक्षा को वह प्राथमिकता नहीं दी, जिसकी वह हकदार थी। परिणामस्वरूप आज छात्र-युवा कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। फीस में असमानता, पेपर लीक, नियमित कक्षाओं का संचालन न होना, कैंपस में असुरक्षा और अराजकता तथा हॉस्टल में बेहतर शैक्षणिक वातावरण का अभाव ऐसे गंभीर प्रश्न हैं, जिन पर लंबे समय से प्रभावी ढंग से ध्यान नहीं दिया गया।
आज देश का युवा और छात्र जाग चुका है। वह अपने अधिकारों, शिक्षा और रोजगार के भविष्य को लेकर सवाल पूछ रहा है। अब युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ‘छात्रों की गूंज’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों की आवाज को लोकतांत्रिक मंच देने का अभियान है।
उन्होंने कहा कि इंदौर में राहुल गांधी की छात्र-छात्राओं के साथ संवाद की पहल शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा तय करेगी। यह संवाद केवल समस्याओं की चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस बात पर भी मंथन करेगा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को किस तरह विश्वस्तरीय, रोजगारपरक, नवाचार आधारित और समान अवसर देने वाली बनाया जाए।
फिटवेल ने कहा कि भारत का भविष्य उसके युवाओं की शिक्षा और अवसरों पर निर्भर है। यदि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, सुरक्षित कैंपस, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें, तो यही युवा भारत को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि 19 सितंबर को इंदौर से उठने वाली ‘छात्रों की गूंज’ पूरे देश तक पहुंचेगी और शिक्षा को लेकर एक नई राष्ट्रीय बहस को जन्म देगी। राहुल गांधी के नेतृत्व में यह पहल ऐसे भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें युवा केवल डिग्री हासिल करने वाला विद्यार्थी नहीं, बल्कि वैश्विक चेतना, वैज्ञानिक सोच, नवाचार और लोकतांत्रिक मूल्यों से लैस भारत के भविष्य का शिल्पकार बनेगा।
साबिर फिटवेल ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं और युवाओं से 19 सितंबर को इंदौर में बड़ी संख्या में शामिल होकर ‘छात्रों की गूंज’ को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

