नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

केरल, तमिलनाडु , गुजरात, उत्तर प्रदेश , कर्नाटक इन पांच राज्यों द्वारा रिजेक्ट किया गया अमरीकन कोल्ड्रिंक्स प्रोजेक्ट कोका कोला का महाराष्ट्र में विरोध शुरू हो गया है। मंत्री गिरीश महाजन को बत्तीस साल बाद अपने गृह नगर जामनेर में Gen Z के रोज़गार के लिए किसी कारखाने की आवश्यकता मालूम पड़ी है। अमरीका की अटलांटा स्थित कोका कोला कंपनी के सहायता से महाराष्ट्र सरकार जामनेर में 1200 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश से हिंदुस्तान कोका कोला बेविरेज प्रोजेक्ट की संभावना तलाश रही है।

गिरीश महाजन ने कहा कोका कोला प्रोजेक्ट से रोजगार मिलेगा , ट्रांसपोर्ट बढ़ेगा , हमारे पास बहुत पानी है नासिक में भी सिंहस्थ का काम तेज़ी से चल रहा है। आम लोग मंत्री जी से पूछ रहे हैं कि उन्होंने जामनेर में टेक्सटाइल पार्क लगाने का वादा किया था जिससे कि कपास उत्पादक किसानों की फ़सल को अच्छा दाम मिलता कोका कोला तो किसी ने नहीं मांगा था। युवा किसान अजय पाटिल ने प्रोजेक्ट के ख़तरों के बारे में शोध विहीन लेकिन काफ़ी हद तक तथ्यात्मक जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर की है।
ज्ञात हो कि 12 टीएमसी जल भंडारण क्षमता वाला वाघूर डैम जलगांव जिले के 20 लाख लोगों को पीने का पानी देता है। बारिश के अभाव से सुखा पड़ने पर वाघूर पर निर्भर सुप्रीम इंडस्ट्रीज के कुछ प्लांट बंद करने पड़ते हैं। भविष्य में वाघूर लिफ़्ट योजना के 3500 तालाब वाघूर डैम से भरने हैं। कोका कोला को प्रचंड मात्रा में पानी की ज़रूरत होगी। लगातार सूखा पड़ता गया तो वाघूर जवाब देना शुरू कर देता है।

