मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
नेपानगर की ओर जाने वाले बसाड़ रोड पर नेपा से आते समय नेपानगर निवासी किशन पटेल की बाइक का अचानक संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह बाइक सहित करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरे। संयोग से उनके ठीक पीछे ऑल इंडिया सशक्त पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश जंगाले की कार चल रही थी। जैसे ही उनकी नजर हादसे पर पड़ी, उन्होंने तत्काल कार रोककर मानवता का परिचय दिया।
वे अपने साथी तौकीर आलम, संजयसिंह शिंदे और भगवानदास शाह के साथ तुरंत गड्ढे में उतरे और घायल को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद घायल व्यक्ति को सुरक्षित रूप से गड्ढे से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसकी बाइक को भी गड्ढे से बाहर निकालकर उसके सुपुर्द किया गया। गनीमत रही कि जिस स्थान पर बाइक सवार गिरा, उसके पास ही नाला बह रहा था। समय रहते रेस्क्यू नहीं किया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
लोगों से की अपील—पुलिस की पूछताछ से न घबराएं
घटना के बाद उमेश जंगाले ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर यदि किसी के साथ हादसा हो जाए तो मदद करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। कई बार लोग पुलिस की पूछताछ से घबरा जाते हैं, लेकिन यदि हम इस प्रक्रिया से न घबराएं और समय रहते घायल की मदद के लिए आगे आएं, तो किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। तमाशबीन बने रहने के बजाय जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आना चाहिए। राहगीरों ने जंगाले और उनकी टीम के इस मानवीय प्रयास की सराहना की।
दुर्घटना संभावित मोड़ों पर संकेतक बोर्ड लगाने की मांग
उमेश जंगाले ने स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया कि जिन मोड़ों पर दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है, वहां उचित संकेतक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से सतर्क किया जा सके और हादसों में कमी लाई जा सके।
घायल व्यक्ति ने मदद करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद व्यक्त किया। वहीं उमेश जंगाले ने कहा कि उन्हें अपनी टीम पर गर्व है, जो सदैव सामाजिक एवं मानवहित के कार्यों के लिए तत्पर रहती है।

