शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
पूर्व सांसदों, विधायकों एवं पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली विभिन्न पेंशन और सुविधाओं तथा सरकारी कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर ने सवाल उठाए हैं। परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव और महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि 30–35 वर्षों तक सरकारी सेवा करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन से वंचित रखना सामाजिक न्याय के अनुरूप नहीं है।
तुर्कमानपुर स्थित परिषद के कार्यालय में आयोजित बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सम्मानजनक पेंशन और सुविधाएं मिलना गलत नहीं है, लेकिन कर्मचारियों के लिए भी सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित और सम्मानजनक पेंशन सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ पूर्व जनप्रतिनिधियों को एक से अधिक पेंशन मिलने की खबरें सामने आना और दूसरी ओर कर्मचारियों का निश्चित पेंशन के लिए संघर्ष करना पेंशन व्यवस्था में असमानता को दर्शाता है।
अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि “पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि वर्षों की सेवा के बाद कर्मचारी का सामाजिक सुरक्षा अधिकार है।” उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय सरकार और समाज की सेवा में लगाया है। सेवानिवृत्ति के बाद परिवार, स्वास्थ्य, दवा और रोजमर्रा के खर्चों की जिम्मेदारी के बीच अनिश्चित पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि पेंशन से देश की अर्थव्यवस्था पर उतना दबाव नहीं पड़ेगा, जितना बड़े पूंजीपतियों के भारी कर्ज माफ किए जाने से पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों को सुरक्षित पेंशन का अधिकार नहीं मिला तो भविष्य में देशभर के करोड़ों कर्मचारी बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकते हैं।
महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि “अरबपति सांसद, विधायक, अधिकारी और कर्मचारियों की बंद हो पेंशन” जैसे विषय पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंशन व्यवस्था में समानता और सामाजिक न्याय का सिद्धांत लागू होना चाहिए।
परिषद ने केंद्र एवं राज्य सरकार से NPS समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) तत्काल बहाल करने की मांग की। रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली केवल कर्मचारियों की मांग नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़ा मुद्दा है। परिषद ने स्पष्ट किया कि OPS की बहाली को लेकर चल रहे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक आंदोलनों को उसका समर्थन जारी रहेगा।
बैठक में रूपेश कुमार श्रीवास्तव, अशोक पांडे, मदन मुरारी शुक्ल, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अनिल द्विवेदी, राजेश मिश्रा, अनूप कुमार, सौरभ श्रीवास्तव, नरेंद्र धर द्विवेदी, राहुल श्रीवास्तव, इजहार अली, रामधनी पासवान सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

