स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे जूनियर डॉक्टर,मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च कर रहे इंटर्न डॉक्टरों को रोकने के लिए पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर सोमवार को सड़कों पर उतर आए। अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च कर रहे इंटर्न डॉक्टरों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प एवं धक्का मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

प्रदर्शन के दौरान कुछ इंटर्न डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल के गेट और बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद प्रदर्शनकारी अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर फतेहगढ़ की मुख्य सड़क पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ छात्र गेट तोड़कर बाहर निकलते हुए भी नजर आए।


स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प और धक्का मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।

प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन करीब डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद अब तक स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर कोई लिखित आदेश या आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। डॉक्टरों का आरोप है कि लगातार मांग उठाने के बावजूद मामला केवल आश्वासन तक सीमित है।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने पहले संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रखी तथा निर्धारित नियमों का पालन किया। जब उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री के सामने सीधे अपनी बात रखने के लिए मार्च निकालने का निर्णय लिया गया।

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी टकराव के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि वे अपने अधिकार और स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक सरकार के निर्णय का इंतजार किया, लेकिन लिखित आदेश नहीं आने के कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा।

इंटर्न डॉक्टरों ने सरकार से मांग की है कि स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर जल्द से जल्द आधिकारिक आदेश जारी किया जाए, ताकि लंबे समय से चली आ रही मांग का समाधान हो सके

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