चुनावी हार के बाद भी देवरी में सक्रिय हर्ष यादव, गांव-गांव जारी जनसंपर्क | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी (मप्र), NIT:

विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता हर्ष यादव की देवरी विधानसभा क्षेत्र में सक्रियता लगातार बनी हुई है। वे क्षेत्र के गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात कर रहे हैं और उनके सुख-दुख में शामिल हो रहे हैं। लंबे समय से जारी उनके जनसंपर्क के कारण देवरी क्षेत्र की राजनीति में उनकी सक्रियता एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है।

हर्ष यादव के समर्थकों का कहना है कि विधायक रहते हुए उन्होंने जिस तरह लगातार जनता के बीच रहकर जनसंपर्क किया, चुनाव परिणाम आने के बाद भी उन्होंने क्षेत्र से दूरी नहीं बनाई। वे आज भी विभिन्न गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद करते हैं, स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेते हैं तथा किसानों, मजदूरों, गरीब परिवारों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाते नजर आते हैं।

हार के बाद भी जनता से नहीं टूटा संपर्क

राजनीतिक रूप से देखा जाए तो चुनाव में हार के बाद किसी नेता की सक्रियता कम होना सामान्य माना जाता है, लेकिन हर्ष यादव लगातार क्षेत्र में नजर आ रहे हैं। सामाजिक कार्यक्रमों, पारिवारिक आयोजनों और ग्रामीणों के सुख-दुख में उनकी भागीदारी के कारण समर्थकों के बीच यह चर्चा है कि जनता से उनका जुड़ाव अभी भी कायम है।

क्षेत्र के कुछ समर्थकों का कहना है कि हर्ष यादव के सरल, सहज और मिलनसार व्यवहार के कारण आज भी बड़ी संख्या में लोग उनसे व्यक्तिगत रूप से जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि चुनाव हारने के बाद भी उनका जनसंपर्क अभियान लगातार जारी है।

किसान, मजदूर और युवाओं के मुद्दों पर सक्रिय

पूर्व मंत्री हर्ष यादव विपक्ष में रहते हुए किसानों, मजदूरों, गरीबों और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते रहे हैं। महंगाई, रोजगार, किसानों की समस्याओं के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क, बिजली, पानी और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर उनके द्वारा आवाज उठाए जाने की बात कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कही जाती है।

समर्थकों का दावा है कि विधायक एवं मंत्री रहते हुए हर्ष यादव के कार्यकाल में देवरी विधानसभा क्षेत्र में विकास के कई कार्य हुए। उनका यह भी कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उनकी कार्यशैली प्रभावी रही तथा अपराध और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्ती दिखाई गई।

वर्तमान विधायक के कार्यकाल को लेकर भी राजनीतिक बहस

वहीं क्षेत्र में वर्तमान भाजपा विधायक के कार्यकाल को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। कांग्रेस नेताओं एवं हर्ष यादव के समर्थकों का आरोप है कि क्षेत्र में अपराध और कथित अवैध गतिविधियों को लेकर जनता में नाराजगी है तथा कई स्थानीय समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वर्तमान विधायक और प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति का संतुलित आकलन किया जा सकता है। आगामी समय में यह मुद्दा देवरी की राजनीति में सरकार और विपक्ष के बीच बहस का विषय बन सकता है।

कांग्रेस संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका

हर्ष यादव की सक्रियता केवल देवरी विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं है। पार्टी संगठन में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ उनके राजनीतिक संबंध और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी लगातार चर्चा में रहती है।

वर्तमान में दमोह जिले के प्रभारी के रूप में भी वे संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, दमोह जिले में संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं से संवाद और पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलनों में सक्रिय

हर्ष यादव सागर जिले में विपक्ष की भूमिका निभाते हुए विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों में भी सक्रिय रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार की नीतियों तथा प्रशासन की कथित लापरवाही के खिलाफ वे लगातार आवाज उठाते रहे हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दावा है कि क्षेत्रीय मुद्दों को सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक उठाने वाले नेताओं में हर्ष यादव की सक्रिय भूमिका रही है। इसी कारण पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी उनकी सक्रियता को लेकर उत्साह देखने को मिलता है।

आगामी चुनाव को लेकर अभी से चर्चाएं तेज

विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन देवरी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हर्ष यादव के समर्थक उन्हें भविष्य में फिर से विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का मजबूत चेहरा मान रहे हैं। उनका कहना है कि जनता उन्हें दोबारा विधायक के रूप में देखना चाहती है।

वहीं, कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में हर्ष यादव को संगठन या सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं भी समर्थकों के बीच चल रही हैं। हालांकि, आगामी चुनाव में टिकट और सरकार बनने की स्थिति में मंत्री पद जैसे निर्णय पूरी तरह पार्टी नेतृत्व और भविष्य के राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेंगे।

देवरी की राजनीति में हर्ष यादव की सक्रियता बनी चर्चा का केंद्र

फिलहाल चुनावी राजनीति से दूर रहते हुए भी हर्ष यादव का गांव-गांव जनसंपर्क, आमजन के सुख-दुख में भागीदारी और किसानों, मजदूरों एवं युवाओं के मुद्दों पर सक्रियता देवरी की राजनीति में उनकी मौजूदगी को बनाए हुए है।

चुनावी हार के बाद भी जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना उनके समर्थकों द्वारा उनकी राजनीतिक शैली की प्रमुख विशेषता माना जा रहा है। आने वाले समय में उनकी यह सक्रियता देवरी विधानसभा के राजनीतिक समीकरणों को किस दिशा में ले जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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