संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

शिक्षा के माध्यम से सामाजिक बदलाव की दिशा में एक और सशक्त पहल के रूप में ग्वालियर के निबुआपूरा स्थित एक कोचिंग संस्थान का वार्षिक स्थापना दिवस उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर, छत्रपति शाहू महाराज एवं महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया गया। माल्यार्पण गोपाल किरण समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने किया।

मुख्य अतिथि श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने कहा कि समाज में वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अंतिम पायदान तक पहुँचाना आवश्यक है। हमारा उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उनमें सीखने की जिज्ञासा, आत्मविश्वास और बड़े सपने देखने का साहस विकसित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को रोचक, प्रेरणादायक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि वे नियमित रूप से अध्ययन करने आएँ और अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकें। शिक्षा तभी सार्थक होगी, जब वह उन बच्चों तक भी पहुँचे जहाँ आज भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आसानी से उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि “हर बच्चा पढ़े, हर परिवार आगे बढ़े और हर व्यक्ति शिक्षित बने” केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से अपने आसपास के जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और शिक्षा की अलख को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है, सम्मान दिलाती है और बेहतर भविष्य के द्वार खोलती है। इसलिए प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को शिक्षा से वंचित बच्चों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि “शिक्षा ही सबसे बड़ा परिवर्तन है” और इसी सोच के साथ एक शिक्षित एवं जागरूक भारत का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली पर भी विशेष जोर दिया गया। श्री निमराजे ने बच्चों से मैगी, कुरकुरे और चाउमीन जैसे जंक फूड के अत्यधिक सेवन से बचने तथा नशे से पूरी तरह दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही शिक्षा तथा व्यक्तित्व विकास की मजबूत आधारशिला हैं।
समारोह में बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यार्थियों द्वारा भारतीय संविधान पर आधारित नाटक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें संविधान के मूल्यों, समानता, अधिकारों और कर्तव्यों का प्रभावी संदेश दिया गया। इस अवसर पर कुलदीप, प्रियांश, काव्या त्रिपाठी, दिव्याना मिश्रा सहित अन्य विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों ने भी शिक्षा, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और अपने भविष्य के लक्ष्यों पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई। स्टेशनरी प्राप्त कर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनमें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी पैदा करते हैं।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि यदि समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएँ, तो शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकती है। हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने का संकल्प ही एक मजबूत, समतामूलक और शिक्षित समाज की आधारशिला है।
कार्यक्रम में मनोज सिंह जाटव, हिमानी वर्मा, रुद्र जाटव एवं राहुल सरल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

