रफीक़ आलम, दमुआ/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कुर्मी समाज द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक अलाप सिंह सनौड़िया के निवास पर आयोजित हुई, जिसमें समाज के वरिष्ठ सदस्य डॉ. रमेश उसरेठे, मार्गदर्शक एवं सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी संतराम चौधरी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध दमुआ में खुलेंगी रोजगार और व्यापार की नई राहें
बैठक को संबोधित करते हुए संतराम चौधरी ने अपने प्रशासनिक एवं व्यावहारिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि दमुआ क्षेत्र महुआ, गोंद, चिरौंजी, कोदो-कुटकी, जामुन, सीताफल तथा दुर्लभ वनौषधियों जैसी प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है। यदि इन स्थानीय संसाधनों का वैज्ञानिक ढंग से प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और प्रभावी विपणन (मार्केटिंग) किया जाए, तो क्षेत्र में बड़े स्तर पर कुटीर उद्योगों एवं व्यापार की अपार संभावनाएँ विकसित की जा सकती हैं।
जल्द शुरू होगा व्यापारिक केंद्र
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दमुआ क्षेत्र में शीघ्र ही एक वृहद व्यापारिक केंद्र (कमर्शियल हब) स्थापित किया जाएगा। इसके लिए एक सशक्त सहकारी समिति का गठन किया जा रहा है। समिति के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
युवाओं से जुड़ने का आह्वान
आयोजकों ने क्षेत्र के युवाओं एवं इच्छुक उद्यमियों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की है। उनका कहना है कि समिति के माध्यम से युवा अपने व्यवसाय का विस्तार कर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
लगातार जारी है संवाद
सहकारी समिति के गठन और संचालन को अंतिम रूप देने के लिए छोटे-बड़े स्तर पर बैठकों एवं दूरभाष के माध्यम से लगातार संवाद किया जा रहा है। आयोजकों का विश्वास है कि यह पहल जल्द ही दमुआ क्षेत्र के आर्थिक विकास और स्वरोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन का आधार बनेगी।

