विवेक जैन, फरीदाबाद, हरियाणा, NIT:
सामाजिक सेवा, समर्पण और पारदर्शिता की मिसाल बन चुके जय गौतम चेरिटेबल ट्रस्ट, फरीदाबाद ने अपनी स्थापना के पाँच गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। 30 जुलाई 2021 से शुरू हुई सेवा-यात्रा के पाँचवें स्थापना दिवस पर ट्रस्ट ने जनसेवा के अपने संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ट्रस्ट के संस्थापक ने ट्रस्ट की स्थापना की प्रेरणा, उद्देश्यों और पिछले पाँच वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जनसेवा के दौरान कुछ सेवाभावी साथियों के मन में यह विचार आया कि ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ की भावना को संगठित रूप देकर समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुँचाई जाए। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए इंडियन बैंक के लगभग 10 से 12 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने 30 जुलाई 2021 को जय गौतम चेरिटेबल ट्रस्ट, फरीदाबाद की स्थापना की।
ट्रस्ट ने प्रारंभ से ही चिकित्सा सहायता, शिक्षा और अन्नदान को अपनी प्रमुख सेवा गतिविधियों के रूप में अपनाया। संस्थापक ने बताया कि स्थापना के बाद से ट्रस्ट निरंतर सेवा, समर्पण और पारदर्शिता के मार्ग पर अग्रसर है। इसकी निष्पक्ष एवं विश्वसनीय कार्यशैली से प्रभावित होकर समय-समय पर अनेक समाजसेवी इससे जुड़े और आज ट्रस्ट के सदस्यों की संख्या बढ़कर 122 हो गई है।
उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद ट्रस्ट अब तक 433 सेवा परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुका है। इन परियोजनाओं के माध्यम से समाज के जरूरतमंद लोगों को 53 लाख 74 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
संस्थापक ने विशेष रूप से बताया कि ट्रस्ट का कोई भी पदाधिकारी या सदस्य किसी प्रकार का मानदेय अथवा वेतन प्राप्त नहीं करता। ट्रस्ट के सभी प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी खर्च स्वयं सदस्यगण वहन करते हैं, जिससे दानदाताओं द्वारा दी गई प्रत्येक सहयोग राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुँच सके।
ट्रस्ट की प्रमुख सेवा परियोजनाओं में ‘प्रभु की रसोई’ विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस सेवा के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 175 जरूरतमंद लोगों, महिलाओं और बच्चों को सम्मानपूर्वक एवं स्नेहपूर्वक निशुल्क भोजन कराया जाता है।
बच्चों को राष्ट्र की सबसे मूल्यवान धरोहर मानते हुए ट्रस्ट द्वारा ‘नीरजा फुटपाठशाला’ का संचालन भी किया जा रहा है। इस पाठशाला में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लगभग 40 से 50 बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। साथ ही उन्हें दोपहर का भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि शिक्षा के साथ उनका समुचित पोषण भी सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त ट्रस्ट वृद्धाश्रमों में सहयोग, अनाथ एवं असहाय कन्याओं के विवाह में सहभागिता, गौ-सेवा, घायल एवं निराश्रित पशुओं के उपचार सहित अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए ट्रस्ट शीघ्र ही व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान भी शुरू करने जा रहा है।
इस अवसर पर ट्रस्ट ने अपने सेवा कार्यों से संबंधित तस्वीरें भी साझा कीं। पाँच वर्षीय सेवा-सफर के इस महत्वपूर्ण अवसर पर ट्रस्ट परिवार ने सभी सदस्यों, सहयोगकर्ताओं, दानदाताओं और शुभचिंतकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। ट्रस्ट ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी जनसहयोग और सेवा-समर्पण की यही भावना समाज के अधिक से अधिक वंचित एवं जरूरतमंद लोगों तक राहत, विश्वास और नई आशा का संदेश पहुँचाती रहेगी।
ट्रस्ट ने समाज के सेवाभावी नागरिकों से इस सेवा अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि इच्छुक व्यक्ति ट्रस्ट की गतिविधियों एवं सदस्यता संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9990127527 पर संपर्क कर सकते हैं।

