हनीफ खान, ब्यूरो चीफ, मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कलेक्ट्रेट सभागार में संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी निर्धारित मानकों पर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना अनिवार्य है।
बैठक में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसे मच्छर जनित रोगों और टीबी (क्षय रोग) की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर एंटी-लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और साफ-सफाई अभियान को तेज किया जाए। साथ ही स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर कूलर, गमलों और टायरों में जमा पानी को लेकर लोगों को जागरूक करें, ताकि मच्छरों के पनपने पर रोक लग सके।
दस्तक अभियान के तहत टीमों को निर्देश दिया गया कि वे घर-घर सर्वे कर बुखार के मरीजों की पहचान करें और उन्हें तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार उपलब्ध कराएं। साथ ही दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी, रात में बुखार या वजन कम होने जैसे लक्षण वाले संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर उनका स्पुटम टेस्ट कराया जाए और उन्हें डॉट्स प्रणाली के तहत निःशुल्क इलाज व निक्षय पोषण योजना से जोड़ा जाए।
जिलाधिकारी ने नगर विकास, पंचायती राज, शिक्षा और बाल विकास विभागों के समन्वय की समीक्षा करते हुए कहा कि केवल कागजी कार्यवाही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। उन्होंने स्कूलों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान, रैलियों और लाउडस्पीकर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें और बुखार होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच व इलाज कराएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

