शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का 19वां स्थापना दिवस 'भारतीय शिक्षा दिवस' के रूप में मनाया गया | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का 19वां स्थापना दिवस 'भारतीय शिक्षा दिवस' के रूप में मनाया गया | New India Times

केशव विद्यापीठ में 2 जुलाई को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का 19वां स्थापना दिवस ‘भारतीय शिक्षा दिवस’ के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन तथा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर शिक्षिका सुनीता तनपुरे ने भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कारयुक्त शिक्षा तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का 19वां स्थापना दिवस 'भारतीय शिक्षा दिवस' के रूप में मनाया गया | New India Times

उन्होंने बताया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की स्थापना वर्ष 2007 में दीनानाथ बत्रा द्वारा की गई थी। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक तथा विद्या भारती के पूर्व निदेशक रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थापना के समय से ही शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास भारतीय शिक्षा को भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

इसके पश्चात सुनीता तनपुरे ने लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उस नीति का उद्देश्य अंग्रेजी भाषा को शिक्षा एवं प्रशासन का माध्यम बनाना था। उन्होंने कहा कि इस नीति के कारण संस्कृत, अरबी और फारसी जैसी पारंपरिक भाषाओं की उपेक्षा हुई तथा भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ा।

शिक्षक शुभम राव ने पंचकोष अवधारणा पर जानकारी देते हुए बताया कि पंचकोष भारतीय योग एवं वेदांत दर्शन की महत्वपूर्ण अवधारणा है। उन्होंने बताया कि मानव शरीर अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष, विज्ञानमय कोष एवं आनंदमय कोष से मिलकर बना है। उन्होंने इस विषय को सरल एवं प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया।

तत्पश्चात विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, प्रेरक भाषण एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और शिक्षा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

इस अवसर पर विद्यालय के संचालक ओमप्रकाश शर्मा, जो शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह-संयोजक हैं, की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने उद्बोधन में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा संचालित विभिन्न कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों से भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पित रहकर जीवन में उन्हें अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में शिक्षक शुभम राव ने विद्यार्थियों को संकल्प दिलाया कि वे अपनी स्कूल यूनिफॉर्म स्वयं पहनेंगे तथा उसे व्यवस्थित रखेंगे।

इस अवसर पर संस्था की प्राचार्य श्रीमती वंदना नायर सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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