अधूरे सड़क निर्माण से बढ़ी परेशानी: तेलीबट मार्ग पर राहगीर चोटिल, गर्भवती महिलाओं और मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

अधूरे सड़क निर्माण से बढ़ी परेशानी: तेलीबट मार्ग पर राहगीर चोटिल, गर्भवती महिलाओं और मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं | New India Times

ग्राम पंचायत तेलीबट में सड़क निर्माण कार्य की धीमी गति आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। इमरती खेड़ा से तेलीबट के बीच बनने वाली मुख्य सड़क का निर्माण कई दिनों से जारी है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। अधूरी और उबड़-खाबड़ सड़क के कारण आए दिन राहगीर फिसलकर घायल हो रहे हैं।

शॉर्टकट मार्ग होने से रहती है भारी आवाजाही

यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख और व्यस्त संपर्क मार्ग है। दूरी कम होने के कारण बोरदेही, नवेगांव, हिरदागढ़ सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लोग दिन-रात इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है।

रोजाना दुर्घटना का खतरा

स्थानीय निवासी अशोक ढोने ने बताया कि उन्हें काम के सिलसिले में दिन में कई बार इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। सड़क पर बिखरी गिट्टियों और गड्ढों के कारण वे कई बार दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बचे हैं। अन्य वाहन चालकों को भी रोजाना इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गर्भवती महिलाओं और मरीजों की बढ़ी चिंता

यह मार्ग हिरदागढ़ से जामई (जुन्नारदेव) अस्पताल जाने का प्रमुख रास्ता है। प्रसव (डिलीवरी) के लिए ले जाई जाने वाली गर्भवती महिलाओं तथा अन्य आपातकालीन मरीजों को भी इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना और गंभीर अनहोनी का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग की
सड़क निर्माण की धीमी गति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि प्रशासन और निर्माण एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए इस मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।

इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव रफीक खान ने भी मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास के दावों के बावजूद क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

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