मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने विश्वविद्यालय के चित्रकला विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रज्ज्वल पुंडीर द्वारा लिखित शोधपरक ग्रंथ “भारतीय कला और संस्कृति (अजंता के संदर्भ में)” का विमोचन किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री डॉ. राजेंद्र सिंह पुंडीर ने कुलपति से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
विमोचित पुस्तक में भारतीय सांस्कृतिक विरासत, चित्रकला तथा अजंता की भित्तिचित्र परंपरा का विस्तृत एवं शोधपरक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। इसमें अजंता की भौगोलिक स्थिति, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, चित्रकला की विशेषताओं, धार्मिक परिवेश, सामाजिक जीवन, अलंकरण शैली तथा भारतीय संस्कृति के विभिन्न आयामों का सरल और प्रमाणिक विश्लेषण किया गया है। साथ ही, जातक कथाओं के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, नैतिक आदर्शों तथा बौद्ध दर्शन के प्रभाव को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अजंता के चित्र केवल कलात्मक उत्कृष्टता के प्रतीक ही नहीं हैं, बल्कि तत्कालीन भारतीय समाज, धर्म, संस्कृति, जीवन-मूल्यों और सौंदर्यबोध के सशक्त दस्तावेज भी हैं।
कार्यक्रम में प्रो. अनुराग अग्रवाल, प्रो. शालीन कुमार सिंह, डॉ. अर्चना गर्ग, डॉ. रमेश चंद्रा, डॉ. दीपक सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. प्रज्ज्वल पुंडीर को इस महत्वपूर्ण शोध कार्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

