लॉक डाउन की चपेट में आ सकते हैं पेट्रोल पंप ? प्रशासन को आगे कर गायब हो गए मंत्री | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

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महाराष्ट्र के पेट्रोल पंपों पर इंधन के लिए लग रही लंबी कतारें महीने मे अब दो हफ्ते देखने को मिल सकती है। पेट्रोल डीज़ल के वितरण के बारे में इनपुट के सहारे मिली जानकारी को शेयर करने वाले पंप मालिक बताते हैं कि आने वाले दिनो में पेट्रोल डीज़ल की किल्लत से होने वाली अव्यवस्था को टालने के लिए महीने के चार हफ्तों में से दो हफ्ते पंप खुले रखने के आदेश किए जाने की संभावना है। खरीप की फसल के लिए ट्रैक्टर से जमीन तैयार करने के लिए किसानो को डीज़ल चाहिए जो मिल नही रहा है। जलगांव जिले के सभी पंप पर टैंकर आते हि पेट्रोल डीज़ल भरवाने के लिए किसानों को कड़ी धूप में घंटो लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।

लॉक डाउन की चपेट में आ सकते हैं पेट्रोल पंप ? प्रशासन को आगे कर गायब हो गए मंत्री | New India Times

जिलाधिकारी रोहन घुगे ने जनता को पेट्रोल डीज़ल को लेकर तनाव मुक्त रहने अपील की है। अगर स्टॉक पर्याप्त है तो किल्लत क्यों हो रही है ? किल्लत के लिए जमाखोरी कारण है तो लाखों रुपए का हजारों लीटर पेट्रोल डीज़ल जमा करने का नेक्सस कौन  चला रहा है ? इंधन इमर्जेंसी के गंभीर संकट के बीच केंद्र से लेकर राज्यों तक के बीजेपी के तमाम मुख्यमंत्री , कैबिनेट मंत्री शायद कॉकरोच प्रतिरोध के डर से जनता के बीच से गायब हो चुके हैं। भारत में इंधन की कमी का मुख्य कारण ईरान – अमरीका जंग नहीं बल्की नरेंद्र मोदी सरकार की अडानी-अंबानी बचाव नीति है जो सीधे अमरीका के नियंत्रण में है।

दिव्यांगो के लिए शिविर का आयोजन :

राज्य सरकार ने अपने एक पुराने आदेश को वापिस लेते हुए नया आदेश जारी कर विकलांग समुदाय को कल्याणकारी योजनाओ के लिए बड़ी राहत दी है। 15 मई 2026 तक लाभ ले रहे सभी दिव्यांगजन अपने विकलांगता प्रमाणपत्र को आधार कार्ड समेत प्रस्तुत कर 30 सितंबर 2026 तक लाभ के लिए पात्र है। जामनेर में तहसीलदार नानासाहब आगले के मार्गदर्शन में दिव्यांग शिविर आयोजित किया गया। जामनेर राजस्व सर्कल अधिकारी विजय पाटिल, पटवारी राजेंद्र सुपेकर ने दिव्यांगो से जरूरी कागज़ात स्वीकार कर आदेशित कार्यवाही को आगे बढ़ाया।

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