अहमद रज़ा खान, चुनार/मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

मिर्जापुर के चुनार क्षेत्र में गंगा नदी पर बना महत्वपूर्ण पुल इन दिनों बदहाली का शिकार होता नजर आ रहा है। पुल की सतह कई स्थानों पर उखड़ती जा रही है, जिससे इसके निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पुल मिर्जापुर, सोनभद्र और वाराणसी को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जिससे हजारों गांवों का आवागमन प्रतिदिन होता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे संघर्ष और प्रयासों के बाद इस पुल का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोप सामने आ रहे हैं। पुल की वर्तमान स्थिति देखकर लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार द्वारा विकास और पारदर्शिता की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की आशंका साफ दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि यदि एक आम व्यक्ति अपने घर की छत बनवाता है तो वह वर्षों तक टिकाऊ होने की उम्मीद करता है, लेकिन करोड़ों की लागत से बने इस पुल की हालत कुछ ही समय में खराब होना कई सवाल खड़े करता है।
इसके साथ ही पुल पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को भी नुकसान का बड़ा कारण बताया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पुल के दोनों ओर भार सीमा (लोड लिमिट) के स्पष्ट बोर्ड लगाए जाएं और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल की मरम्मत कराने, निर्माण गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
