अंकित तिवारी, ब्यूरो चीफ, प्रयागराज (यूपी), NIT:

मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) इलाहाबाद में आदिवासी समुदाय से आने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वेंकटेश के प्रमोशन पर रोक लगाए जाने के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रोफेसर के साथ हो रहे कथित जातिगत उत्पीड़न पर रोक लगाने और उनका प्रमोशन तत्काल बहाल करने की मांग की।

आइसा के अनुसार, डॉ. वेंकटेश आंध्र प्रदेश के आदिवासी समुदाय से संबंध रखते हैं और लंबे समय से एमएनएनआईटी इलाहाबाद में फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं। संगठन का आरोप है कि पूर्व में भी उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाकर निलंबित किया गया था, जिसे आंदोलन के बाद वापस लेना पड़ा। अब एक बार फिर उनका प्रमोशन रोककर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
डॉ. वेंकटेश का कहना है कि उनके साथ कार्यरत अन्य शिक्षकों के प्रमोशन के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जबकि केवल उनका प्रमोशन रोका गया है। इस संबंध में उन्होंने आइसा को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी।
इसी के मद्देनजर आइसा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि एमएनएनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में वंचित समाज का प्रतिनिधित्व पहले से ही बेहद कम है। ऐसे में जो लोग यहां तक पहुंच रहे हैं, उनके साथ भेदभाव की घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
इस अवसर पर साक्षी, आर्यन, सुनील मौर्य, राधा, अनिरुद्ध, प्यारेलाल, विकास स्वरूप, आनंद मालवीय सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

