मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

ग्राम पंचायत नांदनवाड़ी के सरपंच, उपसरपंच एवं समस्त ग्रामवासियों ने दिनांक 18 अप्रैल 2026 को कलेक्टर, जिला पांढुरना को ज्ञापन सौंपकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से भी विस्तृत चर्चा कर समस्या से अवगत कराया।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर एवं नर्सों की नियमित उपस्थिति नहीं रहती। आपातकालीन स्थिति में भी मरीजों को उचित उपचार देने के बजाय सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, जिससे समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
नांदनवाड़ी स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत एक बड़ा आदिवासी क्षेत्र आता है, जो पूरी तरह इसी अस्पताल पर निर्भर है। इसके बावजूद यहां स्वास्थ्य सुविधाएं अत्यंत कमजोर और अपर्याप्त बनी हुई हैं।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
• महिला मेडिकल ऑफिसर की तत्काल नियुक्ति
• पर्याप्त संख्या में नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता
• फार्मेसिस्ट एवं ड्रेसर की नियुक्ति
• आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था
• टिटनेस सहित आवश्यक इंजेक्शन एवं दवाइयों की नियमित उपलब्धता
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं किया गया तो वे जनहित में आंदोलन या अनशन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अजय उईके, निलेश खोड़ापे, जयंत घोड़े, किशोर इवनाती, सुधाकर वरखड़े, अरुण धुर्वे, शिवसागर वरखड़े, रामकिशन सरेआम, सुखदेव इवने, विजेंद्र खरवड़े, यश साहू सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

