अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

जनपद में व्याप्त प्रशासनिक भ्रष्टाचार, स्मार्ट मीटर की तानाशाही और किसानों की बदहाली के विरोध में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने अनूठे अंदाज में प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में जुटे सपाइयों ने घंटा-घड़ियाल, मजीरा और ढोलक बजाकर “प्रशासन को नींद से जगाने” का प्रयास किया। सपा के युवा और वरिष्ठ नेताओं के संयुक्त नेतृत्व में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। इसमें प्रमुख मुद्दे स्मार्ट मीटर, किसान समस्याएं और कालाबाजारी रहे।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मथुरा नगर निगम और विद्युत विभाग भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुके हैं। समाजवादी पार्टी ने मांग की कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर रोक लगाई जाए। जनता पर जबरन थोपे जा रहे प्रीपेड मीटरों को तुरंत बंद किया जाए और पुराने मीटर बहाल रखे जाएं।
किसानों को राहत देने की मांग करते हुए कहा गया कि ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों का सम्मानजनक मुआवजा सीधे किसानों के खातों में भेजा जाए तथा मथुरा को तत्काल ‘आपदा ग्रस्त’ घोषित कर कृषि ऋण माफ किए जाएं। गैस संकट के समाधान की मांग करते हुए कहा गया कि शादियों के सीजन में गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए और पारदर्शी वितरण प्रणाली सुनिश्चित की जाए।
कलेक्ट्रेट परिसर में सपाइयों ने ढोलक और मजीरे की थाप पर सरकार विरोधी नारे लगाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब जनता त्रस्त है, तब प्रशासन उत्सवों में व्यस्त है। इस सांकेतिक शोर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं हुआ, तो यह गूंज आने वाले समय में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकती है।
प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ और युवा नेताओं में मुख्य रूप से भारत भूषण शर्मा, राघवेन्द्र ठाकुर, राजन रिजवी, ठाकुर किशोर सिंह, पवन चौधरी, युवजन सभा के पूर्व जिला अध्यक्ष मुन्ना मलिक (पार्षद), तनवीर अहमद, अंगद सिंह, जगेश्वर यादव और मुकेश सिकरवार उपस्थित रहे।

