रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में नवकार दिवस के उपलक्ष्य में सामूहिक जाप किए गए, जिसमें श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।
त्रिस्तुति संघ अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा ने नवकार मंत्र की महिमा के बारे में विस्तार से संबोधित करते हुए कहा कि नवकार मंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी व्यक्ति विशेष या देवता की स्तुति नहीं की गई, बल्कि उनके गुणों को नमन किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति पूजा नहीं, बल्कि गुण पूजा का संदेश देता है। इसमें किसी प्रकार की याचना या कामना नहीं है, बल्कि केवल निस्वार्थ श्रद्धा, समर्पण और आत्मशुद्धि का भाव है। सभी तीर्थंकरों ने इसके महत्व को स्वीकार किया है। इसे जैन धर्म का मूल मंत्र और जिनागम का सार कहा जाता है।
इस अवसर पर श्रावक-श्राविकाओं ने विश्व में शांति के लिए परमात्मा से सामूहिक प्रार्थना की तथा सामूहिक आयंबिल तप की आराधना भी की गई।
नवकार मंत्र की आरती का लाभ संतोष कुमार एवं जयंत कुमार भंडारी ने लिया। गुरुदेव की आरती का लाभ राजेश कुमार भंडारी तथा पुण्य सम्राट की आरती का लाभ शैलेश भंडारी परिवार ने प्राप्त किया।
प्रभावना का लाभ श्री संघ अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा एवं श्रीमती स्नेहलता कावड़िया परिवार ने लिया। दादा गुरुदेव की पूजन का लाभ राजेश कुमार एवं युवराज कुमार भंडारी ने लिया तथा पुण्य सम्राट की पूजन का लाभ दिलीप कुमार एवं गौरव कुमार कोठारी परिवार ने प्राप्त किया।

