पट्टेदारों को किरायेदार बनाने का आरोप: प्रॉपर्टी डीलरों पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप, जांच की मांग | New India TimesOplus_131072

डी.के. गुप्ता/वी.के. त्रिवेदी, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

पट्टेदारों को किरायेदार बनाने का आरोप: प्रॉपर्टी डीलरों पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप, जांच की मांग | New India Times

लखीमपुर-खीरी जिला के ग्राम पंचायत महेवा के अंतर्गत ग्राम बुढ़नापुर मंझरा फार्म, चौकी महेवा गंज, कोतवाली सदर निवासी शारिक हुसैन जैदी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर प्रॉपर्टी डीलरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित के अनुसार, उसके नाम गाटा संख्या 443, रकबा 0.03 पर आवासीय पट्टा आवंटित है, जिस पर वह पिछले लगभग 50 वर्षों से अपने परिवार के साथ रह रहा है। उसकी माता नजमा परवीन का निधन हो चुका है।
शारिक हुसैन का आरोप है कि वासिर अली उर्फ नासिर अली (निवासी ग्राम ओदरहना) ने कथित रूप से गाटा संख्या 431 का अंश बताकर 23 जुलाई 2011 को मनीष जैन और विनय जैन (निवासी काशीनगर, लखीमपुर) के पक्ष में बैनामा कर दिया। इसके बाद प्रॉपर्टी डीलरों ने पीड़ित को उसी जमीन पर किरायेदार बताना शुरू कर दिया और उसके मकान को अपना निर्माण बताया।
पीड़ित का कहना है कि यह पूरा मामला छल, कपट और धोखाधड़ी का है। आरोप है कि धनबल के प्रभाव से न्यायालय को गुमराह किया गया और कृषि भूमि की आड़ में आवासीय पट्टे को विवादित बनाकर पीड़ित को बेदखल करने की कोशिश की जा रही है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस मानसिक तनाव के कारण उसकी मां और पत्नी की मृत्यु हो गई, जिससे वह गहरे सदमे में है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी डीलर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहे हैं।
शारिक हुसैन ने मांग की है कि गाटा संख्या 431 और संबंधित बैनामों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि पूरे मामले की जांच होती है तो वासिर अली उर्फ नासिर, संबंधित प्रॉपर्टी डीलरों और राजस्व विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता उजागर हो सकती है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि उसे न्याय कब तक मिल पाता है।

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