जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खुलासे के बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। न्यू इंडिया टाइम्स की जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
मुख्य कार्रवाईयाँ:
• महाप्रबंधक (GM–Operational) इंद्रजीत सिकरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
• आयुष्मान योजना के सीईओ योगेश भरसट के निजी सहायक (PA) छोटेलाल सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
• आयुष्मान मित्र संदीप सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
अस्पतालों पर कार्रवाई:
भोपाल के पांच निजी अस्पतालों की आयुष्मान भारत योजना के तहत मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है। इनमें—
1. तृप्ति अस्पताल (Trupti Hospital)
2. पीजीबीएम अस्पताल (PGBM Hospital)
3. सूर्यांश अस्पताल (Suryansh Hospital)
4. क्योर एंड क्योर अस्पताल (Cure & Cure Hospital)
5. ग्रीन सिटी अस्पताल (Green City Hospital)
शामिल हैं।
घोटाले का खुलासा:
जांच में सामने आया कि निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना में शामिल (इम्पैनल) करने के बदले 10 लाख रुपये तक की रिश्वत ली जा रही थी। इस पूरे मामले में अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत पाई गई। स्टिंग ऑपरेशन में सीईओ के पीए छोटेलाल सिंह ने खुद रिश्वत लेने की बात स्वीकार की थी। इसके अलावा, कई अस्पतालों द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए किराए के डॉक्टर दिखाकर फर्जी क्लेम किए जा रहे थे।
हालांकि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देती है, लेकिन समय पर भुगतान न होने के कारण पहले से ही कई अस्पताल योजना से नाराज़ बताए जा रहे हैं। मामले की जांच आगे भी जारी रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता राशिद खान ने कहा कि छिंदवाड़ा से शुरू हुई जांच को पूरे प्रदेश के अस्पतालों तक विस्तारित किया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
