फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:
गणतंत्र दिवस के अवसर पर भीमसेना द्वारा आयोजित ‘संविधान यात्रा’ (संविधान परेड) 26 जनवरी को अम्बेडकर चौपाल, एकलव्य ग्राम गांव खांडसा से प्रारंभ होकर गुरुग्राम न्यायालय तक निकाली जाएगी। इस यात्रा को लेकर शहर में तैयारियां तेज़ हो गई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार भीमसेना के प्रमुख नवाब सतपाल तंवर स्वयं इस यात्रा में शामिल होंगे। तंवर की पीआरओ सोनिका सिंह चौहान ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि यह संविधान यात्रा गांव खांडसा से शुरू होकर खांडसा रोड सहित मुख्य मार्गों से होते हुए गुरुग्राम न्यायालय तक पहुंचेगी।
प्रमुख सतपाल तंवर की सहभागिता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार खुफिया विभाग ने भी सतपाल तंवर की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, जिसके आधार पर उनकी सुरक्षा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। स्थानीय पुलिस को सतर्क रहने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
भीमसेना ने इस संविधान यात्रा को “एक बदलाव की शुरुआत” बताते हुए संविधान के मूल सिद्धांत—समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व—के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया है। यह यात्रा दोपहर 1 बजे अम्बेडकर चौपाल, गांव खांडसा (सतपाल तंवर की जन्मभूमि) से शुरू होगी। यात्रा के दौरान प्रतिभागी तिरंगे के साथ संविधान की प्रतियां लेकर ‘जय भीम’ और ‘जय संविधान’ के नारे लगाएंगे।
भीमसेना की मैनेजमेंट टीम ने दलित-बहुजन समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। संपर्क के लिए 9911189986, 9810862586 और 9311003886 नंबर जारी किए गए हैं। संगठन द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम और X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो व पोस्ट के माध्यम से कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
संविधान यात्रा को लेकर गुरुग्राम पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सतपाल तंवर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
भीमसेना, जो दलित-बहुजन समाज के अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सक्रिय है, समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी सामाजिक भूमिका निभाती रही है। सतपाल तंवर ने इस आयोजन को संविधान के प्रति सम्मान और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। आयोजन के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखी जा रही है। इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रियता बढ़ाने के संकेत मिल रहे हैं, जिसे 2027 के विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
