अमानगंज में थाने के पास चोरी की बड़ी वारदात: एक ही रात में 6 से अधिक दुकानों के ताले टूटे, पुलिस गश्त पर उठे सवाल | New India Times

संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

अमानगंज में थाने के पास चोरी की बड़ी वारदात: एक ही रात में 6 से अधिक दुकानों के ताले टूटे, पुलिस गश्त पर उठे सवाल | New India Times

पन्ना जिले के अमानगंज कस्बे में बीती रात बेखौफ चोरों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए मुख्य बाजार क्षेत्र में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। थाना अमानगंज से महज कुछ कदमों की दूरी पर स्थित आधा दर्जन से अधिक दुकानों और एक कियोस्क बैंक को निशाना बनाकर अज्ञात चोर लगभग 35 हजार रुपये नकद और कीमती सामान लेकर फरार हो गए।

यह सनसनीखेज घटना थाने के इतने नजदीक हुई कि इससे पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सुनियोजित तरीके से एक के बाद एक दुकानों में सेंध

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोरों ने पूरी योजना के साथ एक ही इलाके की कई दुकानों को निशाना बनाया।

पीड़ितों में शामिल—

सौरभ तिवारी की फोटोकॉपी दुकान से ₹4,000 नकद

अरविंद तिवारी की दुकान से ₹9,000 की सिगरेट और ₹5,000 नकद

दिनेश गुप्ता के जनरल स्टोर से ₹7,000 नकद सहित अन्य सामान चोरी हुआ

इसके अलावा लाखन सिंह, हीरा मोहन जाटव और मोहम्मद शादिक के कियोस्क बैंक में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया।

थाने के पास वारदात, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि सभी दुकानें थाना परिसर से बेहद नजदीक स्थित हैं, जहां पुलिस की मौजूदगी और गश्त सबसे अधिक मानी जाती है। व्यापारियों का कहना है कि चोर घंटों तक बेखौफ होकर ताले तोड़ते रहे, लेकिन गश्त पर तैनात पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

नगर में चर्चा है कि जब थाने की नाक के नीचे ऐसी वारदात हो सकती है, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा? क्या पुलिस की बीट व्यवस्था और सूचना तंत्र प्रभावी ढंग से काम कर रहा है?

पुलिस की कार्रवाई, व्यापारियों में रोष

घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। अमानगंज पुलिस ने फरियादी सौरभ तिवारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) एवं 305 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच ऑफिसिएटिंग सब-इंस्पेक्टर देवी प्रसाद मिश्रा को सौंपी गई है।

पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

फिलहाल, यह घटना प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती नजर आ रही है।

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