झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से महिला की मौत, बंगाली डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज | New India Times

इदरीस मंसूरी, ब्यूरो चीफ, गुना (मप्र), NIT:

गुना जिले की आरोन तहसील के ग्राम टंक परोरिया में सोमवार को एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद महिला की मौत हो गई, जिससे गांव में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान रामकली बाई (45) के रूप में हुई है।

परिजनों के अनुसार सोमवार सुबह रामकली बाई को अचानक हाथ-पैर में तेज दर्द शुरू हुआ। दर्द बढ़ने पर परिजनों ने गांव में ही इलाज करने वाले एक तथाकथित बंगाली डॉक्टर को घर बुला लिया। बताया गया कि उक्त डॉक्टर ने महिला को कुछ दवाएं दीं और एक इंजेक्शन लगाया।

इंजेक्शन लगाने के करीब दस मिनट बाद ही महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी सांस रुकने जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। घबराए परिजन उसे तत्काल आरोन सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने झोलाछाप बंगाली डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

परिजनों ने बताया कि उक्त व्यक्ति पिछले पांच से छह वर्षों से गांव में वीरेंद्र बंजारे के मकान में रहकर इलाज कर रहा था और अधिकांश ग्रामीण उसका पूरा नाम तक नहीं जानते थे।

इस घटना ने आरोन क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम इलाज कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते। इसी लापरवाही का खामियाजा एक महिला को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।

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