वी.के.त्रिवेदी, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT;
लखीमपुर खीरी जिला के विकासखंड रमिया बेहड़ वन विभाग की मिलीभगत से पर्यावरण पर खुलेआम आरा चलाया जा रहा है। वन विभाग कुंभकर्णी नींद में सो रहा है या फिर सब कुछ जानते हुए अपनी आंखें बंद किए हुए है।
सरकार पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए लाखों प्रयास कर रही है और लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है मगर वन विभाग पर्यावरण संतुलन बिगड़ने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है, इस का जीता जागता उदाहरण रमिया बेहड़ क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। गांव रमिया बेहड़ हाइवे के किनारे राजेश्वरी देवी की बाग एक क्षेत्रीय ठेकेदार द्वारा काट डाली गई जो वन क्षेत्राधिकारी के संज्ञान में भी था, मगर कार्यवाही तो दूर उन्होंने ठेकेदार को ही बचा लिया और लकड़ी भी उठा दी। दूसरा मामला ग्रामसभा चंद्रपुरा के मजरा भगहरपुरवा का है। रमिया बेहड़ से हौकना जाने वाली रोड पर भगहरपुरवा गांव के बाहर लगी आम की बाग में 15 हरे-भरे आम के पेड़ों को काटा जा रहा है।अब सवाल यह है कि पर्यावरण संरक्षण कैसे हो जब वन विभाग ही उसे मिटाने पर लगा हुआ है।
