टीईटी परीक्षा में गंभीर त्रुटियों से लाखों शिक्षकों का भविष्य संकट में, परिणाम रोकने की मांग: हाजी शकील अहमद | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

टीईटी परीक्षा में गंभीर त्रुटियों से लाखों शिक्षकों का भविष्य संकट में, परिणाम रोकने की मांग: हाजी शकील अहमद | New India Times

टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में पाई गई गंभीर त्रुटियों के कारण लाखों शिक्षकों और विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। यह आरोप न्यू फ्यूचर फाउंडेशन, मुंबई के चेयरमैन तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के अल्पसंख्यक विभाग के ऑल इंडिया संगठनात्मक महासचिव हाजी शकील अहमद ने लगाया।

टीईटी परीक्षा में गंभीर त्रुटियों से लाखों शिक्षकों का भविष्य संकट में, परिणाम रोकने की मांग: हाजी शकील अहमद | New India Times

हाजी शकील अहमद ने बताया कि नवंबर 2025 में आयोजित टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र में कई गंभीर गलतियां पाई गईं। उन्होंने कहा कि उत्तर कुंजी (आंसर की) पर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए निर्धारित समयावधि समाप्त होने से लगभग 8 घंटे पहले ही संबंधित वेबसाइट बंद कर दी गई, जिससे अनेक अभ्यर्थी अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं करा सके।

टीईटी परीक्षा में गंभीर त्रुटियों से लाखों शिक्षकों का भविष्य संकट में, परिणाम रोकने की मांग: हाजी शकील अहमद | New India Times

एनसीपी (अजित दादा पवार) नेता हाजी शकील अहमद ने कहा कि इन सभी त्रुटिपूर्ण प्रश्नों को लेकर परीक्षा परिषद, पुणे को एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया है। साथ ही इस गंभीर विषय से महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को भी अवगत कराया गया।

टीईटी परीक्षा में गंभीर त्रुटियों से लाखों शिक्षकों का भविष्य संकट में, परिणाम रोकने की मांग: हाजी शकील अहमद | New India Times

उन्होंने बताया कि ज्ञापन पर कार्रवाई करते हुए 13 जनवरी को परीक्षा परिषद द्वारा संशोधित उत्तर कुंजी जारी की गई, लेकिन जिन प्रश्नों और बिंदुओं पर आपत्तियां उठाई गई थीं, उनमें आवश्यक सुधार करने के बजाय परीक्षा परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों ने एक सही प्रश्न को ही पूरी तरह हटा दिया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

इस कारण कई ऐसे शिक्षक और अभ्यर्थी, जिन्हें परीक्षा में उत्तीर्ण होने की पूरी उम्मीद थी, अब असफल होने की आशंका से जूझ रहे हैं।

हाजी शकील अहमद ने मांग की कि इतनी बड़ी लापरवाही, जिससे लाखों शिक्षकों और विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है, उसे देखते हुए टीईटी परीक्षा के आगामी परिणामों को कुछ दिनों के लिए रोका जाए और प्रश्नपत्र की सभी खामियों की गहन समीक्षा कर उन्हें दुरुस्त किया जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मांग पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, तो वे पूरे राज्य के शिक्षकों और डी.एड. एवं बी.एड. विद्यार्थियों की आवाज बनकर इस मुद्दे को मीडिया और जनआंदोलन के माध्यम से उठाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर इस आंदोलन को राज्यव्यापी शिक्षक आंदोलन का रूप दिया जाएगा।

एनसीपी (अजित पवार गुट) नेता हाजी शकील अहमद ने यह भी घोषणा की कि हालात की गंभीरता को देखते हुए वे पूरे महाराष्ट्र से शिक्षकों और विद्यार्थियों को आज़ाद मैदान में एकत्र कर स्वयं आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

उन्होंने राज्य के सभी शिक्षकों, अभ्यर्थियों और अभिभावकों से इस न्याय की लड़ाई में एकजुट होकर आंदोलन को मजबूती देने की अपील की। साथ ही महाराष्ट्र के सभी डी.एड. कॉलेजों और शिक्षक संगठनों से आग्रह किया कि वे इस आंदोलन से जुड़ने के लिए उनसे संपर्क करें।

अंत में उन्होंने अपने संदेश को पूरे महाराष्ट्र में अधिक से अधिक शिक्षकों और समूहों तक पहुंचाने की अपील भी की।

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