प्राकृतिक खेती से सुरक्षित मानव और पर्यावरण: अर्चना चिटनिस | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने और ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘‘राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन’’ के अंतर्गत चयनित 40 कृषि सखियों का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र, बुरहानपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में किशोर शाह, कृषि स्थायी समिति अध्यक्ष किशोर पाटिल, कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष हमीद क़ाज़ी, देवानंद पाटिल एवं रूपेश लिहनकर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए मिट्टी, जल और पर्यावरण को बचाने का अभियान है। रासायनिक खेती से भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जबकि प्राकृतिक खेती से मिट्टी सुरक्षित रहती है और किसानों की आय में भी वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि कृषि सखियाँ इस परिवर्तन की सबसे सशक्त वाहक हैं, जो गांव-गांव जाकर किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभ समझाएंगी और उन्हें इस दिशा में प्रेरित करेंगी।
विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि इस प्रकार के आवासीय प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि व्यवस्था की ओर एक मजबूत कदम हैं।

उन्होंने सभी कृषि सखियों से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं और किसानों को संगठित कर प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाएं।

प्रशिक्षण प्राप्त प्रत्येक क्लस्टर की दो कृषि सखियाँ 125-125 किसानों के बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का कार्य करेंगी। ये कृषि सखियाँ कृषि विभाग, आत्मा, कृषि विज्ञान केंद्र एवं अन्य सहयोगी विभागों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हुए प्राकृतिक खेती को धरातल पर उतारेंगी।

प्रशिक्षण 29 दिसंबर 2025 से 02 जनवरी 2026 तक कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के 20 क्लस्टरों से चयनित 40 कृषि सखियों ने भाग लिया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई।

मास्टर ट्रेनर के रूप में डॉ. संदीप कुमार सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख केवीके), अमोल देशमुख (वैज्ञानिक, केवीके), सुश्री सोनाली कामले, विशाल पाटीदार द्वारा जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं बायोरिसोर्स सेंटर से संबंधित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को एक्सपोजर विज़िट भी कराया गया, जिससे उन्हें प्राकृतिक खेती को व्यवहार में उतारने का अनुभव प्राप्त हो सके।

इस अवसर पर कार्तिकेय सिंह, भूपेन्द्र सिंह, कृषि सखियाँ श्रीमती प्रियंका सतारकर, श्रीमती धनश्री महाजन एवं सुश्री प्रियंका गोलकर सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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