सद्दाम हुसैन, ब्यूरो चीफ, लखनऊ (यूपी), NIT:

लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआई) प्रशासन पर एक मजबूर महिला पर दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले से जुड़ी एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है।
आरोप है कि पीजीआई प्रशासन के दबाव में आकर पीजीआई पुलिस ने कुछ छात्रों को अपराधी के रूप में पेश किया। पीड़ित महिला अपने पति और दो छोटे बच्चों के साथ रहती थी। कुछ दिन पहले महिला के पति एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए पीजीआई ट्रॉमा-2 में भर्ती कराया गया था।
महिला का कहना है कि मौजूदा हालात के चलते वह न तो अपने बच्चों से मिल पा रही है और न ही अस्पताल में भर्ती अपने पति से। उसने खुद को पूरी तरह लाचार और मानसिक दबाव में बताया है। महिला का आरोप है कि प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों द्वारा उसे लगातार परेशान किया जा रहा है।
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था और न्याय व्यवस्था पर भी बहस को जन्म दे दिया है।
फिलहाल मामला लखनऊ पीजीआई अस्पताल के ट्रॉमा-2 से जुड़ा हुआ है, जिस पर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

