इदरीस मंसूरी, गुना (मप्र), NIT:
देश की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला अरावली को बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के निजीकरण का विरोध करने के लिए गुरुवार को गुना के पर्यावरण प्रेमियों और गणमान्य नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
स्थानीय शास्त्री पार्क के सामने एकजुट हुए बुद्धिजीवियों ने केंद्र और राज्य सरकार की कथित पर्यावरण-विरोधी नीतियों का विरोध किया।
इस दौरान “अरावली बचाओ” के नारों के साथ एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई गई, जिसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल-जंगल-जमीन पर पहला अधिकार प्रकृति और जनता का है, न कि कुछ पूँजीपति घरानों का।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विकास के नाम पर प्राकृतिक संपदाओं को निजी मुनाफे के लिए बलि चढ़ाया जा रहा है। वक्ताओं के अनुसार, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में लगभग 692 किलोमीटर तक फैली अरावली पर्वत श्रृंखला, मरुस्थलीकरण को रोकने वाली एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक दीवार है।

