मंत्री गिरीश महाजन का दावा फेल, जामनेर में एनसीपी (शरद पवार) को 4 सीटें, मेयर सीट पर मतदान को लेकर 14 जनवरी को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र में संपन्न 286 नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों में भले ही भारतीय जनता पार्टी राज्य स्तर पर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो, लेकिन जलगांव जिले के जामनेर नगर परिषद चुनाव में बीजेपी के वरिष्ठ नेता व मंत्री गिरीश महाजन का दावा कमजोर पड़ता नजर आया।
गिरीश महाजन के गृह नगर जामनेर में जनता ने एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) को चार सीटें देकर सत्ता को सीधी चुनौती दी है। 26 सदस्यीय नगर परिषद में बीजेपी द्वारा 9 सीटें निर्विरोध जीतने के बाद शेष 17 सीटों पर चुनाव हुआ। चुनाव प्रचार के दौरान अरफात चौक में हुई सभा में मंत्री गिरीश महाजन ने विपक्ष के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त कराने का दावा करते हुए अपना मंत्री पद तक दांव पर लगा दिया था। हालांकि नतीजे इसके उलट रहे। एनसीपी (शरद पवार) के 9 उम्मीदवारों ने न सिर्फ अपनी जमानत बचाई बल्कि चार सीटें जीतकर पार्टी दूसरे स्थान पर रही। वहीं कांग्रेस के 5 उम्मीदवारों में से 4 की जमानत जब्त हो गई।

मंत्री गिरीश महाजन का दावा फेल, जामनेर में एनसीपी (शरद पवार) को 4 सीटें, मेयर सीट पर मतदान को लेकर 14 जनवरी को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई | New India Times

मेयर पद की दौड़ में कांग्रेस के प्रत्याशी पारस लालवानी के मैदान छोड़ने के बाद बीजेपी के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले जावेद इकबाल अब्दुल रशीद मुल्लाजी पर जनता ने भरोसा जताया। उनके साथ सालेह अंजुम इरफान खान, बतुल बी शेख हुसैन कुरैशी और परवीन बानो शेख नाजिम नगरसेवक चुनी गईं।

मंत्री गिरीश महाजन का दावा फेल, जामनेर में एनसीपी (शरद पवार) को 4 सीटें, मेयर सीट पर मतदान को लेकर 14 जनवरी को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई | New India Times

कमजोर संगठन और स्थानीय नेताओं की संदिग्ध भूमिका से जूझ रही जामनेर एनसीपी (शरद पवार) को प्रदेश स्तरीय नेतृत्व का समर्थन मिला, जिसका असर नतीजों में दिखाई दिया। वहीं दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थकों द्वारा बीजेपी की हार को छुपाने के लिए नतीजों को धार्मिक आधार पर बांटने के प्रयास भी शुरू हो गए हैं।
इधर 15 जनवरी को जलगांव महानगरपालिका के लिए मतदान होना है, जहां जीत-हार का समीकरण पूर्व मंत्री सुरेश जैन की भूमिका पर निर्भर माना जा रहा है।

मेयर चुनाव पर हाईकोर्ट की नज़र
जामनेर नगर परिषद में मेयर पद को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा सचेतक (व्हिप) को लेकर लिए गए निर्णयों के कारण मेयर चुनाव से वंचित की गईं ज्योत्सना विसपुते की याचिका पर 14 जनवरी को मुंबई हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।
यदि अदालत का फैसला विसपुते के पक्ष में आता है, तो जामनेर नगर परिषद में मेयर पद के लिए मतदान कराया जा सकता है। गौरतलब है कि वर्तमान में इस पद पर मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन निर्विरोध निर्वाचित घोषित की जा चुकी हैं।

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