अवैध खनन: आखिर किसके संरक्षण में सूरज डूबने के बाद शुरू होता है अवैध खनन का खेल??? | New India Times

सलमान चिश्ती, रायबरेली (यूपी), NIT;​अवैध खनन: आखिर किसके संरक्षण में सूरज डूबने के बाद शुरू होता है अवैध खनन का खेल??? | New India Times उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में रात के अंधेरे में अवैध खनन का काम जारी है, जिस पर अंकुश लगा कर सख्त कार्रवाई की बात कलेक्टर और एसपी ने की है।

जानकारी के अनुसार खनन माफियाओं द्वारा पुलिस प्रशासन से सांठ गांठ करके अवैध तरीके से क्षेत्र में खनन जारी है। क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी से अवैध तरीके से हो रहे खनन पर रोक लगाने हेतु गुहार लगाई है। लोगों की मानें तो खनन माफियाओं द्वारा गोबिंदपुर, ग्राम सभा गोइरा, ग्राम सभा सिंघा, ग्राम सभा खोराटी आदि में अवैध तरीके से खनन कराया जा रहा है। जिसकी शिकायत क्षेत्रीय लोगों द्वारा डीह थाने में की जाती है लेकिन थानाध्यक्ष राम आशीष उपाध्याय द्वारा खनन माफियाओं पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। वहीं खनन माफियाओं के खिलाफ थाने में शिकायत करने पर शिकायतकर्ता को धमकाया भी जाता है। लोगों का कहना है कि इन सब कामों में थानाध्यक्ष राम आशीष उपाध्याय की भी मिली भगत रहती है। खनन माफियाओं द्वारा जिले स्तर पर अधिकारियों को अपनी तरफ मिला लिया जाता है, जिससे शिकायत होने पर अधिकारी खनन माफियाओं के बचाव में लग जाते हैं, जिस कारण खनन करने वाले माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जो अवैध तरीके से खनन करवायी जाती है उसकी मिट्टी नसीराबाद, जायस, आदि के क्षेत्रीय भट्ठों को सप्लाई कराई जाती है। खनन माफियाओं द्वारा जेसीबी से रातों रात खनन का कार्य करवाया जाता है। कुछ जगहों पर दिन में भी खनन का काम चलता रहता है। खनन माफियाओं के हाथ इतने लम्बे हैं कि कही भी शिकायत करो लेकिन उनपर कोई कार्यवाही नहीं होती। आरोप है कि खनन माफियाओं द्वारा थानेदार से लेकर एसडीएम तक को अपनी तरफ मिलाकर खनन का कार्य करवाया जाता है। प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन करने वालों पर सख्ती से निपटने के आदेश दिये गये हैं,  तो वहीं हाईकोर्ट द्वारा भी अवैध खनन पर रोक का आदेश दिया गया है लेकिन इन सबके बावजूद भी सरकारी आदेशों की अवहेलना की जा रही है। सरकार के ही कर्मचारी सरकारी आदेशों को नहीं मानते है और खनन माफियाओं से मिलकर मलाई काट रहे हैं और उनका साथ दे रहे हैं। ऐसा नहीं है कि जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारी हो रहे अवैध खनन से अन्जान हैं, बल्कि जानबूझ कर अंजान बने रहते है क्योंकि खनन माफियाओं द्वारा जिले स्तर के अधिकारियों का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाता है। 

क्या कहते हैं जिलाधिकारी?

 अवैध खनन: आखिर किसके संरक्षण में सूरज डूबने के बाद शुरू होता है अवैध खनन का खेल??? | New India Timesजिलाधिकारी से जब अवैध खनन को लेकर बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अवैध खनन करने वालों पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। मुझे अवैध खनन की शिकायते लगातार मिल रही हैं, जिस पर मेरी विशेष नजर बनी हुई है। अवैध खनन कहां कहां हो रही है इसकी रिर्पोट मांगी गई है, जैसे ही रिर्पोट मिल जाती है खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी।

क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक?

 ​अवैध खनन: आखिर किसके संरक्षण में सूरज डूबने के बाद शुरू होता है अवैध खनन का खेल??? | New India Timesपुलिस अधीक्षक से अवैध खनन में पुलिस की सहभागिता के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे मेें कोई जानकारी नहीं है। अगर यह बात सत्य है तो इसकी जांच करायी जायेगी। जांच में दोषी पाये जाने पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी।

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