मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
बुरहानपुर वासियों का यह परम सौभाग्य है कि भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अप्रतिम नेता के रूप में,अपने अहिंसा वादी सिद्धांतों के प्रकाश में 8 दिसंबर 1933 को बुरहानपुर की तत्कालीन जनता अर्थात् उस समय की पीढ़ी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दर्शन, मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला था। गांधी जी की यात्राएं कोई साधारण यात्राएं नही थीं उनके व्यक्तित्व के साथ उनका समूचा जीवन दर्शन तथा एक समग्र जीवन पद्धति उनकी यात्राओं में चलती थी तथा उनके दर्शनार्थ उपस्थित सहस्त्रों नर नारियों को इस पद्धति से परिचित होने का अवसर मिलता था l ईश्वर की प्रार्थना उनके जीवन पद्धति का एक अनिवार्य हिस्सा था l प्रार्थना को महात्मा गांधी आत्म निरीक्षण की एक क्रिया मानते थे।
प्रार्थना के विषय में वह कहते थे कि प्रार्थना हमें इस बात की याद दिलाती है कि ईश्वर की सहायता और उसके सहारे के बिना हम लाचार और बेबस हैं। मानव के उत्तम प्रयत्न में भी तब तक कोई फल नहीं आता, जब तक उसके पीछे ईश्वर का आशीर्वाद न हो। वे कहते थे प्रार्थना आत्मा की पुकार है और ईश्वर के सामने अपने निर्बलता की दैनिक स्वीकृति है। वे अपनी प्रार्थना सभाओं में कहते थे कि हमे अपनी पूरी कमजोरियों के साथ और खाली हाथों तथा पूर्ण समर्पण के भाव से ईश्वर के सामने खड़े होना चाहिए और प्रार्थना करनी चाहिए। तब वह आपको सारे संसार के खिलाफ़ खड़ा होने योग्य बना देगा।
उनके जीवन की एक स्वरचित प्रार्थना है : ” हे नम्रता के सम्राट” जिसकी एक पंक्ति में उन्होंने लिखा है:-
हे नम्रता के सम्राट
तू तभी मदद के लिए आता है,
जब मनुष्य शुन्य बनकर तेरी शरण में आता है ”
गांधी जी द्वारा 92 वर्ष पूर्व बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर की गई प्रार्थना की स्मृति और वर्षगांठ पर आयोजित 8 दिसंबर 2025को प्रातः 11 बजे रेलवे स्टेशन परिसर के समीप लालबाग में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है।
पूज्य महात्मा गांधी से जुड़ी संस्थाओं में जिला सर्वोदय मित्र मंडल बुरहानपुर के अध्यक्ष मुकेश राजे, गांधी ग्लोबल फैमिली की अध्यक्ष एवं समाज सेविका तस्नीम मोहम्मद मर्चेंट और जिला सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद स्वर्गीय गंगा चरण दीक्षित के माया नाज़ सपूत , सेवा सदन कॉलेज बुरहानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर विजय दीक्षित ने सभी जनता जनार्दन से प्रार्थना की है कि आप सभी गांधीजन और गांधी प्रेमी और खादी प्रेमी अवश्य पधारें । सभी शांति प्रिय नागरिक सादर आमंत्रित हैं।

