अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
3 दिसंबर 1984 को हुई भोपाल गैस त्रासदी के 41 वर्ष बाद भी पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा में हैं। मंगलवार को चिंगारी ट्रस्ट के विशेष बच्चों और उनके परिजनों ने दीप जलाकर त्रासदी में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी और सरकार से न्याय की मांग की। यह शांतिपूर्ण कैंडल मार्च और श्रृद्धांजलि सभा भावुक कर देने वाली तस्वीरों के साथ आयोजित की गई।

कार्यक्रम में शामिल दिव्यांग बच्चे और महिलाएं हाथों में तख्तियां लिए बैठीं, जिन पर लिखा था—
“NO MORE BHOPAL”, “नम आँखों से श्रद्धांजलि”, “41 साल बहुत हो गए, अब तो इंसाफ करो”,
“Condolence to the martyrs of Bhopal Gas Tragedy by special children of Chingari Trust”।

इस कैंडल मार्च में शामिल बच्चे, जिनका जन्म गैस त्रासदी से प्रभावित परिवारों में हुआ, वे आज भी स्वास्थ्य समस्याओं और विकलांगता से जूझ रहे हैं। परिजनों ने कहा कि 41 साल बाद भी न तो जिम्मेदारों को सज़ा मिली और न ही पीड़ित परिवारों को सही इलाज और मुआवजा।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने कहा कि सरकार और अदालतों से बार-बार अपील के बावजूद न्याय में देरी हो रही है।
एक माँ ने अपनी बेटी के साथ बैठकर तख्ती पकड़ते हुए भावुक होकर कहा—
“हमारा क्या कसूर? हमने 41 साल से दर्द सहा है, अब तो इंसाफ दो।”

चिंगारी ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक गैस पीड़ितों को न्याय, इलाज और आर्थिक मदद पूरी तरह नहीं मिल जाती।
कैंडल लाइट श्रद्धांजलि के दौरान दो मिनट का मौन रखा गया और सभी ने हाथ जोड़कर उन हजारों जीवनों को याद किया जो 1984 की रात हमेशा के लिए थम गए।

