गोरखपुर में कर्मचारियों और पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल महीनों से लंबित, सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप | New India Times

शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, जनपद शाखा गोरखपुर की बैठक डिप्लोमा इंजीनियर संघ भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष ई. राम समूझ शर्मा ने की तथा संचालन ई. सौरभ श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव रहे।

बैठक में ई. राम समूझ शर्मा, रूपेश कुमार श्रीवास्तव, पंडित श्याम नारायण शुक्ला, अनूप कुमार श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि सिंचाई विभाग में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड गोरखपुर पर आरोप है कि वे माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं और अधिकांश समय कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं।

वक्ताओं ने बताया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों तथा पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल कई–कई महीनों तक लंबित पड़े रहते हैं, जबकि कई कर्मचारी एवं पेंशनर कैंसर, फालिज, हृदय रोग और लीवर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।

खंड कार्यालय से लेकर डी.डी.ओ. कार्यालय तक कर्मचारी महीनों चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। आरोप यह भी लगाया गया कि अधिशासी अभियंता द्वारा प्रतिपूर्ति बिलों की पत्रावलियाँ कार्यालय में ही डंप कर दी जाती हैं, जबकि नियमों के अनुसार कोई भी फ़ाइल तीन दिन से अधिक लंबित नहीं रखी जा सकती।

इसके कारण बिलों के भुगतान में 6 महीने से 1 वर्ष तक का समय लग जाता है, जिससे इलाज के अभाव में कई कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ गंभीर घटनाएँ घट चुकी हैं।
वक्ताओं ने कहा कि ऐसे लापरवाह और तानाशाही रवैया अपनाने वाले अधिकारी अपने पद पर बने रहने योग्य नहीं हैं।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, जनपद शाखा गोरखपुर के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव और महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार तथा जिलाधिकारी से मिलकर इस संबंध में शिकायत करेगा और उचित कार्रवाई की मांग करेगा।

संगठन ने आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) से आग्रह किया कि सेवारत कर्मचारियों, अधिकारियों एवं पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का तत्काल भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। अन्यथा, संगठन उच्च अधिकारियों का घेराव करने के लिए बाध्य होगा।

बैठक में रूपेश कुमार श्रीवास्तव, मदन मुरारी शुक्ल, अशोक कुमार पांडे, श्याम नारायण शुक्ल, अनूप कुमार, सौरभ कुमार श्रीवास्तव, डॉ. सरिता सिंह, विनीता सिंह, रीता सिंह, रमेश कुमार वर्मा, रामधनी पासवान, निसार, राजेश मिश्र, श्रीनाथ गुप्ता, कृष्णमोहन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

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