आए दिन बाघ के हमले से सहमे ग्रामीण,भैंस चरा रहे किसान को किया गंभीर रूप से घायल | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

आए दिन बाघ के हमले से सहमे ग्रामीण,भैंस चरा रहे किसान को किया गंभीर रूप से घायल | New India Times

उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी की महेशपुर वनरेंज के अंतर्गत महेशपुर नयागांव मार्ग पर सड़क किनारे पर सोमवार दोपहर गन्ने के खेत में बैठे बाघ ने भैंस चरा रहे एक किसान पर हमला कर दिया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पहले सीएससी गोला और फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत के साथ वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार 29 जून को दोपहर करीब 12 बजे गांव उदयपुर, थाना हैदराबाद निवासी कालीचरन (57) पुत्र रामदयाल अपने साथियों के साथ महेशपुर-नयागाँव मार्ग के किनारे भैंस चरा रहे थे। तभी विजय वर्मा पुत्र रामस्वरूप निवासी बरगदिया के गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने अचानक कालीचरन पर हमला कर दिया।
साथियों के शोर मचाने पर बाघ खेतों की तरफ भाग गया। हमले में कालीचरन के कंधे हाथ पेट और शरीर पर गहरे जख्म आए हैं। सूचना पर महेशपुर रेंजर निर्भय प्रताप शाही वनकर्मियों के साथ और हैदराबाद पुलिस मौके पर पहुंची। घायल कालीचरन को तत्काल एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला भिजवाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और वहां बाघ के पगचिन्ह मिले हैं। एहतियातन वन विभाग की टीम को इलाके में निगरानी के लिए लगाया गया है।
वहीं घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द बाघ को पकड़ने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गन्ने की फसल के कारण बाघ लगातार रिहायशी इलाकों के करीब आ रहे हैं, जिससे खतरा बढ़ गया है। मौके पर हैदराबाद पुलिस और वनकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं। फिलहाल वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल व गन्ने के खेतों के पास अकेले न जाने की अपील की है।

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