मोहम्मद इसहाक़ मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

मैहर जिले के अमझर स्थित कमलेह धाम में मूसलाधार बारिश के बीच आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम ने आस्था, पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता का प्रेरक उदाहरण पेश किया। कार्यक्रम के तहत 51 दिव्य कल्पवृक्ष सहित कुल 62 पौधों का रोपण किया गया। खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन समस्त समाज नारायणी महिमा ग्रुप, अमझर द्वारा किया गया, जो पूज्य साध्वी हरि प्रिया जी के सान्निध्य में संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को मां काली की कृपा बताते हुए प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सतना के वन विभाग सभापति हरीश कांत त्रिपाठी उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता वन मंडलाधिकारी मैहर विद्या भूषण मिश्रा ने की। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
आयोजकों ने विशेष रूप से राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ निवासी पर्यावरण कार्यकर्ता पुनीत उपाध्याय का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से 51 कल्पवृक्षों के पौधे उपलब्ध कराए गए। बताया गया कि उनके द्वारा संचालित आईआरई-जंगल अभियान के माध्यम से वर्ष 2015 से देशभर में कल्पवृक्ष संरक्षण और निःशुल्क पौध वितरण का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कल्पवृक्ष के पौराणिक, वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे “जीवन वृक्ष” बताया। उन्होंने कहा कि यह वृक्ष दीर्घायु होने के साथ जल संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वृक्षारोपण के बाद श्रद्धालुओं ने मां काली की खिचड़ी प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, वन विभाग की टीम और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।

