महाराष्ट्र राज्य उर्दू साहित्य अकादमी के कार्यकारी अध्यक्ष श्री सैयद हसीन अख्तर के सम्मान में ख़िलाफत हाउस मुंबई में भव्य स्वागत समारोह और परामर्श बैठक का आयोजन | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

महाराष्ट्र राज्य उर्दू साहित्य अकादमी के नए कार्यकारी अध्यक्ष आली जनाब सैयद हसीन अख्तर के सम्मान में भायखला के खिलाफ़त हाउस में एक शायाने शान और बा विक़ार स्वागत समारोह और विचार-विमर्श बैठक का आयोजन गत दिवस संपन्न हुआ, जिस में शहर की प्रतिष्ठित साहित्यिक, सामाजिक और शैक्षणिक हस्तियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और इसे एक समग्र परामर्श बैठक बना दिया।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में जनाब मुशीर अहमद अंसारी (उर्दू गगन संस्था), शकील अंसारी कुर्ला (न्यू फ्यूचर फाउंडेशन) और फ़रीद अहमद खान (उर्दू कारवां) की विशेष उल्लेखनीय भूमिका रही तथा ऑल इंडिया ख़िलाफत कमेटी के अध्यक्ष और मुंबई के पुराने उर्दू दैनिक “हिंदुस्तान” के प्रधान संपादक श्री सरफ़राज़ आरज़ू के विशेष संरक्षण ने कार्यक्रम की प्रतिष्ठा में चार चांद लगा दिए।

इस बा विक़ार समारोह की सदारत पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष श्री ख़ुरशीद सिद्दीकी ने की। उन्होंने अकादमी के पिछले अनुभवों और व्यावहारिक वास्तविकताओं के संदर्भ में नए अध्यक्ष को महत्वपूर्ण और मार्गदर्शनकारी सुझाव दिये। कार्यक्रम की शुरुआत उर्दू कारवां के प्रमुख प्रतिनिधि जनाब फ़रीद अहमद खान के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने जनाब सैयद हसीन अख्तर के परिचय और सेवाओं का उल्लेख करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके कुशल नेतृत्व में महाराष्ट्र उर्दू साहित्य अकादमी नए उत्साह के साथ राज्य में उर्दू के प्रसार में मजबूत कदम उठाएगी। जनाब मुशीर अहमद अंसारी ने अपनी सुझावों की लिखित प्रतियाँ कार्यकारी अध्यक्ष को सौंपीं।

बैठक में उपस्थित सदस्यों के सुझावों और विचारों ने विचार-विमर्श को और समृद्ध बना दिया। इस अवसर पर श्री सफ़राज़ आरज़ू ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि उर्दू अकादमी को राज्यव्यापी स्तर पर सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने कहा कि सरकार को बजट बढ़ाकर महाराष्ट्र भर में उर्दू शिक्षकों की अधिक भर्तियाँ सुनिश्चित करनी चाहिए, क्योंकि नई पीढ़ी ही भविष्य की अगुवाई करेगी और इसके लिए व्यवस्थित शैक्षिक आधार आवश्यक है।

प्रोग्राम में मुंबई के प्रसिद्ध पत्रकार एवं साप्ताहिक आवामी राय के प्रधान संपादक डॉ. अलाउद्दीन शेख, वरिष्ठ प्रोफेसर जमील कामिल, प्रोफेसर आलम नदवी, जाने-माने पत्रकार फरहान हनीफ़ वारसी, श्री अय्यूब कुरैशी, शाहनवाज़ थाना वाला, सईद अहमद खान, इम्तियाज़ खलील, मुनव्वर सुल्ताना, यास्मीन मकबूल आलम और आयोजक संस्थाओं के कई प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। सभी ने शिक्षा, संस्कृति, युवा पीढ़ी, पाठ्य-सामग्री सुविधाएँ और राज्यभर में सक्रिय उर्दू केंद्रों की स्थापना से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

समापन भाषण में कार्यकारी अध्यक्ष आली जनाब सैयद हसीन अख्तर ने सभी उपस्थितों का धन्यवाद करते हुए कहा कि अकादमी को स्थायी परियोजनाओं और राज्यव्यापी कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह संकल्प व्यक्त किया कि प्रस्तुत सुझावों को गंभीरता से लागू करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ तैयार की जाएँगी और उर्दू के प्रचार-प्रसार को एक संगठित अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में उर्दू कारवां, उर्दू गगन संस्था, न्यू फ्यूचर फाउंडेशन, खिलाफत हाउस, साप्ताहिक अवामी राय, गुल बूटे, इदार-ए-अदब-इस्लामी मुंबई, यारान-ए-उर्दू, उर्दू केन्द्र, लन्तरानी मीडिया हाउस तथा अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम आपसी सम्मान, गंभीर संवाद और उपयोगी सुझावों के साथ इस आशा पर समाप्त हुआ कि नई नेतृत्व के साथ महाराष्ट्र में उर्दू के विकास का मार्ग और अधिक फलदायी रहेगा।

बैठक में बीड़ महाराष्ट्र क्षेत्र की जानी-मानी हस्ती क़मर नाज़ ने भी भाग लिया।अंत में सैयद हसीन अख्तर का स्वागत-सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह (मेमेंटो) प्रदान किया गया।

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