उर्दू राइटर्स एसोसिएशन मुंबई के सदस्यों और पदाधिकारियों ने स्कूलों और कॉलेजों का दौरा कर उर्दू छात्रों को कहानी और अफ़साना लेखन के लिए किया प्रेरित | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

शहरों की दुल्हन के नाम से प्रसिद्ध मुंबई महानगर की प्रतिष्ठित संस्था “उर्दू राइटर्स एसोसिएशन” पिछले कुछ समय से स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के बीच मातृभाषा उर्दू और उर्दू साहित्य के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ, उनमें उर्दू भाषा के प्रति रुचि जगाने, सीखने, पढ़ने और लिखने की प्रेरणा देने का कार्य कर रही है। इस मिशन की प्राप्ति के लिए यह संस्था ऑनलाइन प्रशिक्षण, प्रोत्साहनात्मक ट्रेनिंग और लेखन कार्यशालाओं का भी आयोजन कर रही है।

इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हाल ही में एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती यासमीन मक़बूल आलम ने विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों का दौरा किया। उन्होंने अध्ययनरत छात्रों से मुलाक़ात की और उन्हें संबोधित करते हुए कहानी और अफ़साना लेखन के लिए प्रेरित कर मार्गदर्शन दिया। साथ ही, मातृभाषा उर्दूमें इसकी उपयोगिता और महत्व पर मार्गदर्शन भी दिया।

इसके बाद छात्रों के लिए 15 दिन का एक घंटे प्रतिदिन का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें इस विषय के तकनीकी पहलुओं, साहित्यिक बारीकियों, कहानी या अफसाने की प्रस्तुति, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक पक्षों पर गहन चर्चा की गई। प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें छात्रों को संतोषजनक उत्तर दिए गए।

दो दिन पूर्व “कहानी और अफसाना लेखन” शीर्षक से एसोसिएशन द्वारा एक प्रेरक और उत्साहवर्धक कार्यशाला महाराष्ट्र कॉलेज, मुंबई में आयोजित की गई। इस कार्यशाला में महाराष्ट्र कॉलेज मुंबई, मदनी हाई स्कूल जोगेश्वरी और रईस हाई स्कूल भिवंडी के 13 छात्रों ने भाग लिया, जो वर्तमान में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं में अध्ययनरत हैं। इन छात्रों ने मौके पर ही अपनी कहानियां लिखकर प्रस्तुत कीं। जाँच के बाद योग्य छात्रों को प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया जाएगा।

यह उल्लेखनीय है कि इस कार्यशाला का उद्देश्य नई पीढ़ी को उर्दू भाषा और उर्दू साहित्य की इस विशिष्ट विधा — अफसाना — से परिचित कराना और आधुनिक शिक्षा पद्धति के साथ प्राचीन उर्दू शैली और साहित्यिक धरोहर से उन्हें जोड़ना है।

इस उद्देश्य को सफल बनाने में उर्दू राइटर्स एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने विशेष सहयोग दिया, जिनमें प्रमुख रूप से —
महाराष्ट्र कॉलेज के प्रिंसिपल जनाब सिराजुद्दीन चोगले,
मुंबई उर्दू न्यूज़ के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार जनाब शकील रशीद, प्रसिद्ध पत्रकार जनाब जावेद जमालुद्दीन, उर्दू आंगन मासिक पत्रिका के संपादक मुशीर अहमद अंसारी, मदनी हाई स्कूल के प्रिंसिपल आमिर अंसारी और शिक्षिका तहसीन खान, तथा रईस जूनियर कॉलेज के प्रिंसिपल ज़िया-उर-रहमान और शिक्षक शरीफ़ शामिल रहे, जिन्होंने अपनी व्यस्तताओं के बावजूद इस कार्यशाला को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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