अगर राजस्थानी भाषा को 19 मार्च 2018 तक मान्यता नहीं मिली तो देवकिशन राजपुरोहित संसद के सामने जंतर मंतर पर करेंगे आमरण अनशन  | New India Times

भैरु सिंह राजपुरोहित, बीकानेर (राजस्थान), NIT; ​अगर राजस्थानी भाषा को 19 मार्च 2018 तक मान्यता नहीं मिली तो देवकिशन राजपुरोहित संसद के सामने जंतर मंतर पर करेंगे आमरण अनशन  | New India Timesमायड़ भाषा राजस्थानी छात्र मोर्चा की बैठक भंवर विलास होटल में रखी गई, जिसमें राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता ,सरंक्षण व संवर्धन सहित मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।

बैठक की अध्यक्षता छात्र मोर्चा के सरंक्षक गौतम अरोड़ा ने की। उन्होंने कहा कि 6 मई 2015 दिल्ली में जंतर मंतर धरने के बाद केंद्र सरकार ने कहा कि आगामी सत्र में हम राजस्थानी भोजपुरी और भोटी को संविधान की आठवीं अनुसूची में जुड़ेंगे। केंद्र व राज्य सरकार ने राजस्थानी भाषा के लिए अब तक कुछ भी नहीं किया जिससे राजस्थान प्रदेशवासियों, युवाओं में आक्रोश है इसी मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में राजस्थान प्रदेश में राजस्थानी छात्र मोर्चा बड़ा आंदोलन करेगा जिसके तहत ‘ केय दयो डंके री चोट,पैली भाषा पछै वोट’ उपचुनाव व विधानसभा चुनाव में यह नारा बुलंद किया जाएगा। बैठक में राजस्थानी साहित्यकार देवकिशन राजपुरोहित ने कहा कि अगर राजस्थानी भाषा को 19 मार्च तक संविधानिक मान्यता नहीं दी जाती है तो संसद के सामने जंतर मंतर पर आमरण अनशन पर बैठुगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को आवश्यक नोटिस भिजवाये जा रहे हैं। इस बैठक में राजस्थानी छात्र मोर्चा के प्रदेश संयोजक डॉ.गौरीशंकर निमिवाल ने कहां की राज्य सरकार व केंद्र सरकार ने राजस्थानी भाषा के लिए प्रदेश में कुछ नहीं किया। इसके लिए राज्य सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा राजस्थानी छात्र मोर्चा पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत कर रहा है आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन राजस्थान प्रदेश में युवाओं द्वारा किया जाएगा।बैठक में भेरूसिंह मनणा प्रदेश प्रवक्ता मरुप्रदेश निर्माण मोर्चा ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

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