पुलिस की सतर्कता से “डिजिटल अरेस्ट” का हुआ खुलासा, एडवोकेट तीन घंटे तक रहे साइबर ठगों के झांसे में | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:


मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि साइबर ठगों द्वारा किए गए डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का कोहेफिजा पुलिस ने समय रहते खुलासा कर एक बड़ा अपराध होने से रोक लिया। आप को बता दें कि हाउसिंग बोर्ड कोहेफिजा निवासी एडवोकेट शमसुल हसन करीब तीन घंटे तक साइबर ठग के झांसे में फंसे रहे।

पुलिस की सतर्कता से “डिजिटल अरेस्ट” का हुआ खुलासा, एडवोकेट तीन घंटे तक रहे साइबर ठगों के झांसे में | New India Times

मिली जानकारी के अनुसार, एडवोकेट हसन के मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को लखनऊ एटीएस का अधिकारी बताते हुए उन्हें पहलगाम मामले में दोषी ठहराया। कॉलर ने हसन और उनके परिवार को डराने का प्रयास किया तथा वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” का झांसा दिया।
परिवार को ठगी की आशंका हुई तो उन्होंने तत्काल थाना कोहेफिजा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी  अपने दल-बल के साथ 165-ए, हाउसिंग बोर्ड कोहेफिजा पहुंचे और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा साइबर फ्रॉड टल गया।

पुलिस की सतर्कता से “डिजिटल अरेस्ट” का हुआ खुलासा, एडवोकेट तीन घंटे तक रहे साइबर ठगों के झांसे में | New India Times

पुलिस द्वारा संदिग्ध कॉलर से संपर्क साधने का प्रयास किया गया, किंतु उसने फोन नहीं उठाया। मामले की गहराई से जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।

पुलिस ने नागरिकों को सतर्क करते हुए कहा है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर स्वयं को जांच एजेंसी का अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा नजदीकी थाने से संपर्क करें।

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