अतीश दीपंकर ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

भागलपुर के अटल टिंकरिंग लैब में भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित “एआई सम्मिट” कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आनन्दराम ढांढनियाँ सरस्वती विद्या मंदिर के भैया-बहनों एवं आचार्य, दीदी ने सामूहिक रूप से देखा और इससे अत्यंत लाभान्वित हुए।
इस अवसर पर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र—शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग एवं प्रशासन—में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
हमें इससे डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इसके सकारात्मक एवं रचनात्मक उपयोग से जटिल से जटिल कार्य भी सरल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एआई के क्षेत्र में भारत की प्रगति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि और अधिक सशक्त होगी।
प्रसारण के उपरांत भैया-बहनों एवं आचार्य, दीदी ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ भी साझा कीं। मौके पर विद्यार्थियों ने कहा कि एआई तकनीक के माध्यम से वे अपने अध्ययन को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं तथा नवाचार की दिशा में नए प्रयोग कर सकते हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमंत कुमार ने कहा कि “एआई सम्मिट” का सीधा प्रसारण हमारे विद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी अवसर रहा। प्रधानमंत्री के विचारों से विद्यार्थियों को एआई के महत्व, संभावनाओं एवं उसके सकारात्मक उपयोग की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई।
उन्होंने कहा कि एआई हमारे जीवन को सरल, सुगम एवं उन्नत बना सकता है, बशर्ते हम इसे सही दिशा में समझें और अपनाएँ।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि विद्यालय में एआई एवं नवाचार के क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें।

