नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भारत सरकार के युवक कल्याण एवं खेल मंत्रालय की ओर से शिवाजी महाराज के जन्म दिवस पर महाराष्ट्र के सातारा में जय शिवाजी जय भारत पदयात्रा निकाली गई। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मंत्री रक्षा खडसे , महाराष्ट्र कैबिनेट से शिवेंद्र सिंह भोसले , शंभुराज देसाई , जयकुमार गोरे मौजूद रहे। सातारा की तमाम स्कूल कॉलेज के छात्रों ने शिवाजी महाराज के दौर की सजीव प्रस्तुतियों के साथ हाथ में तिरंगा लेकर राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रदर्शित किया।

शिवजयंती के कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल के टीपू सुल्तान की शान में दिए बयान को लपककर बीजेपी ने जनता से जुड़े सवालों की हत्या कर दी। 4 मई 1799 कर्नाटक के श्रीरंगपट्टणम में अंग्रेजों से लड़ते हुए टीपू सुल्तान शहीद हो गए थे। टीपू के मसले पर साक्ष्य और तथ्यो के साथ जनता के सामने आए बहुजन विचारको के कारण दक्षिणपंथी खेमों को मैदान छोड़कर पीछे हटना पड़ा।

महाराष्ट्र में महात्मा ज्योतिबा फुले जी ने शिव जयंती उत्सव शुरू किया। समाजवादी धर्मनिरपेक्ष विचारों से जनता के लिए राजकाज चलाने वाले शिवाजी महाराज भारत के पहले छत्रपति (सार्वभौम) राजा है। शिवाजी महाराज पर हजारों किताबे लिखी जा चुकी है उसमे कॉमरेड गोविंद पानसरे की ” शिवाजी कोण होता ” इस लघु पुस्तिका को सभी बच्चे , महिलाएं , नौजवानों , बड़े बुजुर्गों द्वारा अवश्य पढ़ा जाना चाहिए।
संसदीय लोकतंत्र में जनता के दिलों में शिवाजी महाराज के लिए इतना प्रेम और आदर भाव है कि लोग शिव-फुले- शाहू-आंबेडकर जी का नाम लेने वाले किसी भी आदमी को यह सोचकर विधायक सांसद बनाकर सदन में भेजते हैं कि उनका चुना हुआ प्रतिनिधि महामानवों के आदर्शों पर चलकर समाज को न्याय देगा न कि कार्पोरेट्स को।

