मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर ताप्ती सेवा समिति का संदेश, “ताप्ती को ज़हर नहीं, जीवन देना है” | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर द्वारा “स्वच्छ ताप्ती – स्वस्थ प्रदेश” थीम पर विशेष स्वच्छता एवं जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन न केवल स्वच्छता का प्रतीक रहा, बल्कि नदी संरक्षण के प्रति नागरिक चेतना का सशक्त संदेश भी बना।

समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने ताप्ती तट पर एकत्र होकर सफाई अभियान चलाया। ताप्ती के किनारों से प्लास्टिक, पॉलिथीन और कचरा हटाया गया तथा उपस्थित लोगों को यह संदेश दिया गया कि नदी में गिरता गंदा पानी और ठोस कचरा ताप्ती की जीवनधारा को धीरे-धीरे विषैला बना रहा है।

कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष श्रीमती सरिता राजेश भगत ने कहा कि शहर के कुछ प्रमुख नालों का पानी बिना किसी उपचार के सीधे नदी में गिर रहा है, जिससे ताप्ती का जल प्रदूषित हो रहा है। इस दूषित जल के कारण श्रद्धालुओं को स्नान के समय त्वचा रोगों का खतरा बढ़ जाता है, वहीं नदी की मछलियाँ और अन्य जलजीवों की संख्या घटती जा रही है। नदी की पवित्रता पर यह प्रदूषण एक गहरी चोट है।

समिति संरक्षक एवं ओजस्वी वक्ता राजीव खेडकर ने इस अवसर पर नगर निगम बुरहानपुर तथा प्रशासन से आग्रह किया कि वे इस विषय पर प्राथमिकता और गंभीरता से ध्यान दें और ऐसे नालों के पानी को ताप्ती में जाने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएँ। समिति ने सर्वसम्मति से कहा कि यदि समय रहते स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो ताप्ती की जलधारा पर संकट और गहराएगा।

समिति सदस्य एडवोकेट भावसार भूपेन्द्र जुनागढ़े ने कहा —
“हम ताप्ती को ज़हर नहीं, जीवन देना चाहते हैं। ताप्ती केवल एक नदी नहीं, हमारे धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जीवन से जुड़ी हमारे प्रदेश की आत्मा है। ताप्ती की रक्षा केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर नदी किनारे सफाई की और ताप्ती जल के संरक्षण का संकल्प दोहराया।

इस मौके पर समिति सदस्य आली जनाब अताउल्ला खान ने कहा कि ताप्ती का स्वच्छ रहना न सिर्फ धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से आवश्यक है, बल्कि यह बुरहानपुर की पहचान से भी जुड़ा है। ताप्ती नदी यदि जीवंत और निर्मल रहेगी तो शहर की जीवनधारा भी स्वाभाविक रूप से सशक्त बनेगी।

अंत में समिति ने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत आंदोलन है, जो तब तक जारी रहेगा जब तक ताप्ती पूर्णतः स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त नहीं होती। समिति सचिव धर्मेन्द्र सोनी ने उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद व्यक्त किया। बसंत पाल सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.