आसिम खान, ब्यूरो चीफ, छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
जहरीले कफ सिरप से बच्चों की दुखद मौत के मामले में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य ड्यूटी में कथित लापरवाही और शासकीय आदेशों की अनदेखी सामने आई है।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान चिकित्सा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले डॉ. संदीप जैन ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। इससे उनके विभागीय अनुशासन और सरकारी सेवा भावना के प्रति गंभीर उपेक्षापूर्ण रवैये का पता चलता है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री की वीआईपी ड्यूटी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से डॉ. जैन का अनुपस्थित रहना केवल एक प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे चिकित्सा तंत्र के प्रति असंवेदनशीलता का उदाहरण है।
इस मामले की सूचना विभाग द्वारा डीन को भेजी गई है, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। सूत्रों के अनुसार विभाग ने इस बार केवल सूचना दी है और नोटिस भी जारी किया गया है। अब डीन से अपेक्षा की जा रही है कि वे मामले की गंभीरता को देखते हुए ठोस कदम उठाएं।
यह पहली बार नहीं है जब डॉ. जैन पर लापरवाही के आरोप लगे हों। इससे पहले भी कई बार उन्हें चेतावनी दी जा चुकी है, पर इसका उन पर कोई असर नहीं पड़ा।
क्या वाकई डॉ. जैन किसी संरक्षण या प्रभाव के कारण अब तक कार्रवाई से बचते आ रहे हैं, यह सवाल अब स्वास्थ्य विभाग के अंदरूनी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

