फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 14 अक्टूबर को नूंह जिले के दौरे पर पहुंचेंगे। वे अनाज मंडी में आयोजित महर्षि वाल्मीकि जयंती के मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर सीएम दलित समाज के लोगों के साथ भोजन करेंगे, जिसे उनके दलित हितों के प्रति समर्पण का संकेत माना जा रहा है। भीम सेना की काले झंडे दिखाने की योजना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। भीम सेना के सुप्रीमो सतपाल तंवर ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की धमकी दी है।
तंवर ने घोषणा की कि नूंह और गुरुग्राम की जिला इकाइयां मिलकर इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेंगी। इसके लिए दोनों जिलों में 100-100 कार्यकर्ताओं की टुकड़ियां तैयार की गई हैं। यह फैसला दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लिया गया है। तंवर का कहना है कि सीएम इस दौरे के जरिए पूरन कुमार मामले से ध्यान भटका रहे हैं। उन्होंने वाल्मीकि और मुस्लिम समुदायों से कार्यक्रम का बहिष्कार करने की अपील की और मुख्यमंत्री को “ड्रामेबाज” करार दिया। भीम सेना की मांग है कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी को स्थायी रूप से हटाया जाए और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
इस घोषणा के बाद नूंह और गुरुग्राम प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सीएम के दौरे को शांतिपूर्ण बनाने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। विवाद आईपीएस वाई. पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत से जुड़ा है, जिसकी जांच अभी जारी है। परिवार, समाज और भीम सेना का दावा है कि मामले में उच्च अधिकारियों की संलिप्तता है, जबकि सरकार ने इसे साजिश का हिस्सा बताकर जांच का आश्वासन दिया है। सीएम सैनी का यह दौरा दलित वोट बैंक को मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है, लेकिन विरोध प्रदर्शन राजनीतिक तनाव बढ़ा सकता है।

