मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:
मध्यप्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत झिन्ना में अतिक्रमण हटाने, ग्राम विकास और सौंदर्यीकरण के साथ-साथ पूर्व सरपंच और सचिव द्वारा किए गए भ्रष्टाचार एवं अतिक्रमण के खिलाफ ग्रामवासी आमरण अनशन पर बैठे हैं। सरपंच कोमल चंद्र चौरसिया, तिलकधारी चौरसिया, मिठाई लाल चौरसिया, सुरेश कोल, और राजेन्द्र कुशवाहा द्वारा यह अनशन 8 अक्टूबर 2025 से गांधी चौराहा, झिन्ना में गांधीवादी विचारधारा के तहत किया जा रहा है।

अनशनकारियों ने अपने 15 सूत्रीय मांगपत्र में मुख्य रूप से निम्न मांगें रखी हैं:
आंगनबाड़ी केंद्र से अतिक्रमण हटाया जाए। मध्यप्रदेश शासन की भूमि खसरा नंबर 197, 113/1, 583, 626/1, 846/1 से अतिक्रमण हटाया जाए। मृतक एवं अपात्र व्यक्तियों के नाम बीपीएल सूची से हटाए जाएं।

इन सभी कार्यों की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार ताला के अधिकार क्षेत्र में आती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब ऐसे कार्यों के लिए जनता को आमरण अनशन करना पड़े, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर जनहित याचिका दायर करने की तैयारी की है, जिसमें नायब तहसीलदार ताला से लेकर जिला कलेक्टर तक को पक्षकार बनाए जाने की बात कही गई है।
इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक डॉ. राजेन्द्र सिंह (अमरपाटन) ने कहा:
“मैं सांसद गणेश सिंह से अपील करूंगा कि वे ग्राम के विकास में व्यवधान उत्पन्न न करें। यह किसी सांसद को शोभा नहीं देता। आखिरकार, उन्हें झिन्ना पंचायत से ही वोट मिले थे, इसलिए उन्हें विकास में सहयोग करना चाहिए। मैं इस आमरण अनशन के संबंध में जिला कलेक्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बात करूंगा।”

