मध्यान्ह भोजन की राशि न मिलने से स्व सहायता समूह की महिलाएं परेशान, सरकार से न्याय की मांग | New India Times

पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (म.प्र.), NIT:

मध्यान्ह भोजन की राशि न मिलने से स्व सहायता समूह की महिलाएं परेशान, सरकार से न्याय की मांग | New India Times

नारी शक्ति विकास महिला मंडल महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विमला बालाराम चौहान के दिशा निर्देश पर आज धार जिले की धर्मपुरी ब्लॉक में हजारों समूह संचालक एवं रसोइयों बहने एकत्रित हुई और 4 माह से  मध्यान भोजन की राशि जमा नहीं होने से तिलमिला उठी है और अपने परिवार का भरण पोषण सही तरीके से कर नहीं पा रही हैं  और इस उद्देश्यों को लेकर उन्होंने सरकार को अवगत करवाते हुए कहा है।
➡️ सांझा चूल्हा में पुनः परिवहन भत्ता उपलब्ध करवाया जाए और शेहरी क्षेत्र में समूह संचालक , सांझा चूल्हा में रसोईयन बहनों को राशि उपलब्ध कराई जाए
➡️सांझा चूल्हा रसोईयन का मानदेय ₹500 से बढ़कर 3000₹ महीना दिया जाए
➡️मध्यान भोजन,मिडिल स्कूल की राशि 15₹ प्रति बच्चा,प्राथमिक स्कूल में ₹10 प्रति बच्चा दिया जाए
➡️सांझा चूल्हे की राशि बहुत हि कम डालि जा रही हे,लाभान्वित  बच्चों के हिसाब से डाली जाए
➡️सांझा चूल्हे का खाद्यान्न कम प्राप्त हो रहा हे प्रति बच्चे 100 ग्रामसफ दिया जाए
➡️मध्यान भोजन,सांझा चूल्हा में खाना बनाने के लिए,गैस टंकी ₹500 में प्राप्त हो
➡️ मध्यान भोजन बनाने वाली रसोईयन माता बहनों को कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर , मेडिकल क्लेम एवं दुर्घटना ,मृत्यु बीमा पाँच लाख ₹500000 का दिया जाए
➡️ मध्यान भोजन रसोईयन की तंखा ₹4000 से बढ़कर ₹7000 दिए जाए
➡️मध्यान भोजन में खाना बनाने वाली रसोईयन को नियमित किया जाए,
➡️ मध्यान भोजन रसोईयन की पात्रता 18 वर्ष से 65 वर्ष की जाए,65 साल में रिटायरमेंट किया जाए अतः माननीय श्रीमान जी से यही निवेदन है कि हमारी मांगे जल्द से जल्द पूरा करने का कष्ट करें।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.