सुभाष पांडेय, मीरा-भाईंदर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

वरिष्ठ साहित्यकार, हिंदी के जाने-माने कवि,लेखक, गीतकार, नाटककार गद्य व पद्य दोनों विद्या के मूर्धन्य साहित्यकार पंडित मुरलीधर पांडेय का सम्मान साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक ‘भोर भ्रमण परिवार’ ने उनके निवासस्थान आर.एन. पी.पार्क के चिंतामणि अपार्टमेंट में व्याप्त ‘मुरली कुटीर’ में जाकर किया। इस मौके पर शहर के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यसेवी, कवि,लेखक, गीतकार, शिक्षक, प्रोफेसर, पत्रकार भारी संख्या में ‘ भोर भ्रमण परिवार ‘ के लोग भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।

गौरतलब है कि, इस अवसर पर लोगों ने अपनी तरन्नुम में बेहतरीन रचनायें भी सुनाईं एवं अपने ओजस्वी विचार रखे। ‘ पंडित मुरलीधर पांडेय के जीवनी, व्यक्तित्व एवं कृतित्व ‘ पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित लोग इस ‘ साहित्यिक सम्मान समारोह ‘ का कार्यक्रम देखकर खूब रसास्वादन कर रहे थे और तालियों की गड़गड़ाहट से मेहफ़िल झूम सा उठा। पंडित मुरलीधर पांडेय जी की चंद पंक्तियां देखें:-
फूलों को पानी से सींचो
कांटों को भी गले लगाओ
भेद-भाव मे क्या रक्खा है।
कहती तुलसी की चौपाई
सांसों की डोर हिल रही
जब तलक ये सांस चल रही
पल भर की ज़िंदगी मेरी
ज़िंदगी कटी पतंग है।
कार्यक्रम का संचालन मुंबई एम.डी. कॉलेज के विभागाध्यक्ष व उप-प्राचार्य डॉ. उमेश चंद्र शुक्ल ने किया। ‘ ‘भोर-भ्रमण परिवार ‘ के बैनर तले मुख्य संरक्षक ‘ राहुल एजुकेशन ग्रुप ‘ के चेयरमैन पं. लल्लन तिवारी के मार्गदर्शन में , काशी विश्वनाथ मंदिर , भाईंदर के मुख्य ट्रस्टी पुरुषोत्तम पांडेय के नेतृत्व में दिनेश दुबे, प्रोफेसर विजय मिश्रा, सुशील त्रिपाठी ने भव्य कार्यक्रम किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से ‘ महाराष्ट्र हिंदी साहित्य अकादमी ‘ के सदस्य मार्कण्डेय त्रिपाठी, अभयराज चौबे, एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, शारदाप्रसाद पांडेय, पं. ब्रह्मराज मिश्र, आचार्य त्रिलोकमणि त्रिपाठी, आर.पी.सिंह, शिव पांडेय, इंद्रभान सिंह, यादवेंद्र दुबे, प्रोफेसर बी.के.दुबे, प्रोफेसर अनिल पांडेय, समाजसेवक नीरज तिवारी, सुधाकर पांडेय (बबलू), ‘ काशी विश्वनाथ एकता मित्र मंडल ‘ के अध्यक्ष लक्ष्मण मौर्या, ‘ मुंबई पुलिस से सेवानिवृत्त ‘ अधिकारी प्रदीप सिंह, युवा समाजसेवक, अशोक मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार सुभाष पांडेय विशेष रूप से उपस्थित थे और ‘ वरिष्ठ साहित्यकार ‘ पंडित मुरलीधर पांडेय का भव्य-सत्कार किया।

