फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

भीमसेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर के आह्वान पर हरियाणा में बंद का व्यापक असर देखा गया। शिक्षिका मनीषा मामले में न्याय की मांग को लेकर बुलाए गए इस बंद को सर्वधर्म, सर्वसमाज , सर्वजातीय भाईचारे और 36 बिरादरियों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिसने पूरे राज्य में जनजीवन को प्रभावित किया। सुबह 6 बजे से रात्रि 8 बजे तक बंद प्रभावी रहा। इस दौरान सदर बाजार, मार्केट, छोटे और बड़े व्यापार आदि बंद रहे। राज्य की ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी एक दिन के लिए बड़े वाहनों ट्रक, ट्राले आदि पर पूर्णतः ब्रेक लगा दिए। सैकड़ों पर चक्का जाम जैसी स्थिति रही। सतपाल तंवर ने इसे हरियाणा में अब तक का सबसे प्रभावशाली बंद करार दिया, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी देखी गई। सड़कों पर बहुत ही कम वाहन देखे गए, जिसमें स्थानीय दुपहिया वाहन थे। बड़े रूट की गाड़ियां सड़कों पर नहीं चलीं। बसों के इंतजार में यात्री भटकते रहे।

मनीषा मिस्ट्री और जनाक्रोश
भिवानी के ढाणी लक्ष्मण गांव की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की 11 अगस्त को रहस्यमय परिस्थितियों में गुमशुदगी और 13 अगस्त को सिंघानी गांव के खेतों में उनकी क्षत-विक्षिप्त लाश मिलने से हरियाणा में आक्रोश फैल गया था। पोस्टमार्टम में जहर से मौत की पुष्टि हुई, लेकिन परिजनों और स्थानीय लोगों ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया। पुलिस पर लापरवाही और सबूत दबाने के आरोपों ने आंदोलन को और तेज किया।

नवाब सतपाल तंवर की हुंकारने बदला माहौल
भीमसेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने हरियाणा बंद को मनीषा को न्याय दिलाने और बेटियों की सुरक्षा के लिए एकजुटता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “यह बंद सिर्फ मनीषा के लिए नहीं, बल्कि हर उस बेटी के लिए है जिसे इंसाफ नहीं मिलता। हमारी एकता ही हमारी ताकत है।” तंवर ने 19 अगस्त को ढिगावा मंडी लोहारू में धरने के दौरान सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सीबीआई जांच की घोषणा की। लेकिन तंवर और समर्थकों का मानना है कि सरकार द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा दबाव कम करने की रणनीति मात्र है।

बंद का व्यापक असर
हरियाणा बंद का प्रभाव भिवानी, चरखी दादरी, हिसार, रोहतक, महेंद्रगढ़, अंबाला, यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कैथल, मेवात, रेवाड़ी, जींद, फतेहाबाद और सिरसा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक रहा। बाजार, दुकानें, पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन पूरी तरह बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं, विशेष रूप से बस और ऑटो रिक्शा, प्रभावित हुईं। कई स्थानों पर सड़कों पर जाम और प्रदर्शन देखे गए। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरी क्षेत्रों में प्रभाव सीमित रहा, लेकिन वहां भी कुछ बाजारों और परिवहन सेवाओं पर असर दिखा।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की तैयारी
नवाब सतपाल तंवर द्वारा ऐलानिया बंद को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने भिवानी, चरखी दादरी और अन्य संवेदनशील जिलों में रैपिड एक्शन फोर्स और दंगा नियंत्रण वाहनों की तैनाती की। ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की गई। प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं जैसे अस्पतालों और दमकल सेवाओं को बंद से मुक्त रखा। यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी गई थी।
विपक्ष और सामाजिक संगठनों की भागीदारी
सूत्रों के अनुसार, भीम सेना के साथ कई विपक्षी नेता और सामाजिक संगठन, खाप पंचायतें, मजदूर-किसान और दलित संगठन बंद में शामिल हुए। तंवर की संगठनात्मक ताकत और उनकी पहले के आंदोलनों (2 अप्रैल 2018 और 21 अगस्त 2024 के भारत बंद) की सफलता ने इस बार भी जनता को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा सरकार की नाकामी के खिलाफ जनता की आवाज बताया।
तंवर का विवादित इतिहास
नवाब सतपाल तंवर पहले भी कई विवादों में रहे हैं। वर्ष 2016 में मशहूर हरियाणवी रागिनी गायिका और डांसर सपना चौधरी के जहर खाने की वजह से आरोप भी सतपाल तंवर पर लगे थे। अप्रैल 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से तंवर को धमकी मिलने की खबरें भी आई थीं। इसके अलाव भीमसेना प्रमुख सतपाल तंवर कई विवादों में रहे हैं। इसके बावजूद, तंवर की आंदोलनकारी छवि और दलित-बहुजन समुदायों में उनकी पकड़ ने उन्हें हरियाणा में ही नहीं बल्कि देश भर में एक मजबूत नेता बनाया है।
सियासी दबाव और भविष्य की रणनीति
भीमसेना के मुखिया सतपाल तंवर के मनीषा मामले में कूद जाने से और उनके व्यापक हरियाणा बंद ने न केवल मनीषा मामले को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है, बल्कि भाजपा सरकार पर सियासी दबाव भी अधिक बढ़ा दिया है। तंवर ने चेतावनी दी है कि अगर सीबीआई जांच में देरी हुई या इंसाफ नहीं मिला, तो आंदोलन और तेज होगा। तंवर ने स्पष्ट कर दिया है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। भीम सेना के साथ मिलकर कई संगठनों ने भविष्य में और बड़े प्रदर्शनों की योजना बनानी शुरू कर दी है।
तंवर के बंद के फैसले की सराहना मिली जानकारी
मुताबिक हरियाणा के लोगों ने सतपाल तंवर के हरियाणा बंद के फैसले की सराहना की है। लोगों का कहना है कि मनीषा को न्याय दिलाने और हरियाणा में बेटियों की सुरक्षा के लिए भीम सेना का यह प्रयास एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। नवाब सतपाल तंवर के नेतृत्व में यह आंदोलन सामाजिक एकजुटता और सरकार की जवाबदेही को उजागर करने में सफल रहा। सूत्रों के मुताबिक बंद के व्यापक असर ने हरियाणा की सियासत में एक नया अध्याय जोड़ा है।

