अबरार अहमद खान/अभिजीत श्रीवास्तव, भोपाल, NIT;
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सर्वे में मध्यप्रदेश के 33 जिलों को ओडीएफ घोषित किया गया है। दरअसल, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा 29 व 30 दिसंबर को शहर में ओडीएफ निरीक्षण कराया गया था। जनवरी-फरवरी में होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर टीम ने विभिन्न शहरों का दौरा कर स्वच्छता सर्वे के लिए आकलन किया था, जिसमें मध्यप्रदेश के 33 जिलों को खुले में शौच मुक्त किया गया है। इसके लिए टीम ने शहरों के कई इलाकों में जाकर सर्वे किया और सर्वे के बाद ओडीएफ घोषित जिलों की लिस्ट जारी की। स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 के लिए इसी महीने निरीक्षण के लिए दिल्ली से टीम आने वाली है। कुल 4 हजार अंकों के आधार पर होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में 110 अंक ओडीएफ के भी शामिल हैं।
ओडीएफ घोषित जिले:-
बैतूल, भोपाल, बुरहानपुर, छतरपुर, दमोह, दतिया, देवास, गुना, ग्वालियर, होशंगाबाद, इंदौर, जबलपुर, कटनी, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नागदा, नीमच, सिवनी, शिवपुरी, उज्जैन, भिंड, छिंदवाड़ा, डबरा, खरगोन, मक्सी, पीथमपुर, रतलाम, सागर, सारणी, सीहोर, सिंगरौली, विदिशा।
क्या है ओडीएफ?
ओडीएफ का मतलब है खुले में शौच से मुक्त। जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो अक्टूबर 2014 को राजघाट से की थी। इस मिशन को पूरा करने का लक्ष्य राष्ट्रपिता के 150वीं पुण्यतिथि यानी 2 अक्टूबर 2019 तक का रखा गया है।
